नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को कहा कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के बारे में एक दिन पहले लोकसभा में जो कुछ बोला था, उसमें कुछ भी ‘‘असंसदीय’’ नहीं था और वह किसी भी सजा के लिए तैयार हैं।
उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि जोशी ने अपने गृह प्रदेश कर्नाटक में उस व्यक्ति को भाजपा में शामिल करवाया था जिसने मेंगलुरु में एक पब में महिलाओं की पिटाई की थी।
सदन की कार्यवाही से उनके कुछ शब्दों को हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस सांसद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के लिए सदन में जो कहा, उसमें कुछ भी असंसदीय नहीं था। वह सच्चाई है, जिसका वीडियो भी है।’’
सत्तापक्ष की ओर से विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही किए जाने की संभावना से जुड़े सवाल पर प्रियंका गांधी का यह भी कहना था कि यदि सच बोलने की वजह से उन्हें सजा मिलती है तो वह उसे स्वीकार करेंगी, लेकिन सच बोलना नहीं छोड़ेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मेंगलुरु के एक पब में लड़कियों की पिटाई करने वाले व्यक्ति को प्रह्लाद जोशी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल कराया था और इसके समर्थन में तस्वीरें भी मौजूद हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रह्लाद जोशी की यही मानसिकता है।
कांग्रेस महासचिव ने बिलकीस बानो मामले में दोषियों को जमानत मिलने से संबंधित एक अखबार में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए मंगलवार को लोकसभा में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, जिसे कार्यवाही से हटा दिया गया।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि नये शिक्षा मंत्री के संबंध में की गई टिप्पणी चरित्र हनन है और बिना सत्यापन के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा था कि यदि प्रियंका गांधी अपने आरोपों को सत्यापित नहीं कर सकतीं तो उन्हें सदन से क्षमा मांगनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि बिना तथ्यों के इस तरह की बातें सदन में नहीं कही जानी चाहिए।
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि प्रियंका गांधी वाद्रा इस तरह कोई भी आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं।
उन्होंने मांग की थी कि कांग्रेस सांसद सदन से माफी मांगें और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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