Publish Date - July 29, 2026 / 12:34 PM IST,
Updated On - July 29, 2026 / 12:34 PM IST
Malaria Outbreak Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहा मलेरिया, एक और मौत से मचा कोहराम, अब तक इतने की जा चुकी है जान.... स्वास्थ्य विभाग अलर्ट /image: AI Generated
HIGHLIGHTS
कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में 25 वर्षीय महिला की मलेरिया से मौत
मृतका अपने पीछे 5 साल की बेटी और 3 माह के जुड़वा बच्चों को छोड़ गई
बोड़ला ब्लॉक के 8 गांवों में 70–80 लोग मलेरिया से संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल
कांकेर। Malaria Outbreak Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल के ही दिनों में आश्रम-छात्रावासों के दो बच्चों की मलेरिया से मौत के बाद अब आकड़े बढ़ते ही जा रहें है। ग्राम चिचगांव निवासी एक 25 वर्षीय महिला की मलेरिया से मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मृतका अपने पीछे एक पांच साल की बच्ची और महज तीन माह के दो मासूम जुड़वा बच्चों को छोड़ गई है। इस घटना के बाद से ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं और मलेरिया नियंत्रण अभियानों पर सवाल उठा रहे हैं।
पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका राकेश्वरी कोला (25 वर्ष), पति छबी लाल कोला, निवासी ग्राम चिचगांव, कुछ दिन पूर्व अपने मायके अड़जाल (मानपुर क्षेत्र) गई हुई थी। मायके प्रवास के दौरान ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। सोमवार को जब गांव की मितानिन ने घर पहुंचकर मलेरिया जांच की, तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद सोमवार रात अचानक महिला की हालत अत्यधिक बिगड़ गई और इलाज के अभाव या समयानुसार सही उपचार न मिल पाने के कारण मंगलवार को उसकी मौत हो गई। अब तीन मौतों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गई है।
8 गांव के 70 से 80 लोग मलेरिया के चपेट में
स्वास्थ्य विभाग के दावों की खुली पोल भानुप्रतापपुर और समीपस्थ इलाकों में लगातार बढ़ते मलेरिया के मामले अब गंभीर रूप ले चुके हैं। बोड़ला ब्लॉक के 8 गांव के 70 से 80 लोग मलेरिया के चपेट में है। सभी का झलमला स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी है। आपको बता दें कि इससे पहले आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले दो मासूम बच्चों की जान भी मलेरिया के कारण जा चुकी है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर रोकथाम और त्वरित उपचार के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों में बढ़ते प्रकोप को लेकर भारी चिंता और आक्रोश है।
मलेरिया से बचाव कैसे करें?
मच्छरदानी का उपयोग करें
रात में सोते समय कीटनाशक-युक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें
शाम और रात के समय फुल स्लीव शर्ट, फुल पैंट और मोजे पहनें।
मच्छर भगाने वाले उपाय अपनाएं
मच्छर रिपेलेंट क्रीम, कॉइल, लिक्विड वेपराइज़र या स्प्रे का उपयोग करें।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें
कूलर, गमले, टायर, ड्रम और अन्य बर्तनों में रुका पानी नियमित रूप से खाली करें।
सफाई का विशेष ध्यान रखें
घर और आसपास की जगहों को साफ रखें ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो।
बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं
तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द या शरीर दर्द होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच कराएं।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा इलाज लें
मलेरिया की पुष्टि होने पर दवाएं बीच में न छोड़ें और पूरा उपचार पूरा करें।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें
मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग, दवा छिड़काव और स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें।