सीईसी के खिलाफ नोटिस बिना जांच के अस्वीकार किया गया : सिब्बल
सीईसी के खिलाफ नोटिस बिना जांच के अस्वीकार किया गया : सिब्बल
नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने से संबंधित नोटिस को खारिज किए जाने के बाद मंगलवार को कहा कि बिना जांच के यह फैसला लिया गया कि आरोपों में कोई तथ्य नहीं हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने यह भी कहा कि अगर संवैधानिक प्राधिकारी ऐसे निर्णय लेते हैं, तो देश में ध्रुवीकरण वाली राजनीति जारी रहेगी।
राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कुमार के खिलाफ विपक्ष के नोटिस को खारिज कर दिया।
विपक्ष ने मार्च में सीईसी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को नोटिस सौंपा था।
सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा कि नोटिस खारिज करने के आदेश को चुनौती देने के लिए अब अदालत जाना ही एकमात्र विकल्प है और यह फैसला सामूहिक रूप से लेना होगा।
इस मामले पर आगे का रास्ता क्या है, इस बारे में अपने विचार पर उन्होंने कहा, ‘जब वे मुझसे पूछेंगे तो मैं निश्चित रूप से अपना सुझाव दूंगा।’
सिब्बल ने कहा कि न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव के खिलाफ महाभियोग के नोटिस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
भाषा हक अविनाश
अविनाश

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