सार्वजनिक ठेका मामले में सीबीआई का दावा: अरुणाचल प्रदेश सरकार से नहीं मिल रहा सहयोग

सार्वजनिक ठेका मामले में सीबीआई का दावा: अरुणाचल प्रदेश सरकार से नहीं मिल रहा सहयोग

सार्वजनिक ठेका मामले में सीबीआई का दावा: अरुणाचल प्रदेश सरकार से नहीं मिल रहा सहयोग
Modified Date: August 3, 2026 / 03:22 pm IST
Published Date: August 3, 2026 3:22 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को अवगत कराया कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में सार्वजनिक कार्यों के ठेके कथित तौर पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली या उनसे जुड़ी कंपनियों को प्राथमिकता के आधार पर देने के आरोपों की प्रारंभिक जांच के दौरान रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में ‘‘सहयोग नहीं’’ किया।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सीबीआई की वस्तुस्थिति रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए अरुणाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और प्रधान सचिव (गृह) को नोटिस जारी कर इसपर उनका जवाब मांगा है।

पीठ ने कहा कि ये दोनों अधिकारी 24 अगस्त को शीर्ष अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे और यह स्पष्ट करना होगा कि राज्य सरकार द्वारा सहयोग क्यों नहीं किया जा रहा है और शीर्ष अदालत के निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया गया।

पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘सीबीआई की वस्तुस्थिति रिपोर्ट को देखने से पता चलता है कि आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में राज्य सरकार की ओर से असहयोग किया जा रहा है…।’’

शीर्ष अदालत ने छह अप्रैल को सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर एक प्रारंभिक जांच (पीई) का निर्देश दिया था। यह जांच अरुणाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री खांडू के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली या उनसे संबंधित कंपनियों को सार्वजनिक निर्माण के ठेके देने के आरोपों से जुड़ी है।

यह फैसला गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ द्वारा दायर एक याचिका पर आया, जिसमें इस मामले की सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का अनुरोध किया गया था।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप


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