ओडिशा: हीराकुंड बांध से लगातार पानी छोड़े जाने पर 10 जिलों को अलर्ट पर रखा गया
ओडिशा: हीराकुंड बांध से लगातार पानी छोड़े जाने पर 10 जिलों को अलर्ट पर रखा गया
भुवनेश्वर, एक अगस्त (भाषा) ओडिशा के हीराकुंड बांध के 22 फाटकों के जरिए महानदी में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिसके मद्देनजर शनिवार को नदी के निचले प्रवाह क्षेत्र में आने वाले राज्य के 10 जिलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।
इस बाढ़ से ओडिशा के 20 जिलों में 8.34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और कई हेक्टेयर की फसल भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा, सालंगी, ब्राह्मणी, वैतरणी, जलका और बूढ़ाबलंग नदियों के उफान पर होने के कारण आई बाढ़ से उत्तरी ओडिशा में 1,300 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि भद्रक सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शुक्रवार रात राष्ट्रीय राजधानी के चार दिवसीय दौरे से वापस लौटे। वह राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं।
माझी के दिल्ली दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिद्वंद्वियों ने सत्ताधारी दल पर आपदा से निपटने में गंभीरता की कमी का आरोप लगाया है। विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने सवाल उठाया कि ‘क्या बाढ़ की भयावहता के बीच नेता दिल्ली में दावत कर रहे थे।’
पुजारी ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राष्ट्रीय राजधानी में छत्तीसगढ़ के साथ महानदी जल विवाद के समाधान के लिए प्रयास कर अपना ‘राजधर्म’ निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली नवीन पटनायक सरकार इस मुद्दे का समाधान करने में विफल रही थी।
ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने बताया कि महानदी के निचले इलाकों में स्थित 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रापाड़ा जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। महानदी डेल्टा क्षेत्र में स्थित होने के कारण इन जिलों को बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना गया है।
हाई अलर्ट पर रखे गए महानदी बेसिन के अन्य जिलों में अंगुल, बौध, संबलपुर, सुबरनपुर और नयागढ़ शामिल हैं।
हीराकुंड बांध में जलस्तर 625.47 फीट दर्ज किया गया, जबकि बांध की अधिकतम क्षमता 630 फीट है।
एक अधिकारी ने बताया कि बांध में करीब 4.15 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, जिससे अगले कुछ घंटों में जलाशय का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बांध से औसतन 3,89,603 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
मंत्री पुजारी ने बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई है और बांध से पानी छोड़े जाने की मात्रा भी स्थिर होती दिख रही है।
भाषा प्रचेता रंजन
रंजन

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