नये खनन संबंधी कानून के खिलाफ प्रदर्शन के बीच ओडिशा विधानसभा दो बार स्थगित

नये खनन संबंधी कानून के खिलाफ प्रदर्शन के बीच ओडिशा विधानसभा दो बार स्थगित

नये खनन संबंधी कानून के खिलाफ प्रदर्शन के बीच ओडिशा विधानसभा दो बार स्थगित
Modified Date: September 28, 2026 / 02:37 pm IST
Published Date: September 28, 2026 2:37 pm IST

भुवनेश्वर, 28 सितंबर (भाषा) ओडिशा विधानसभा में सोमवार को लगातार पांचवें कार्य दिवस पर हंगामा हुआ। विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के विधायकों ने एमएमडीआर अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही चार बजे तक स्थगित कर दी गई है।

सदन की कार्यवाही सुबह साढ़े 10 बजे प्रश्नकाल से शुरू होते ही विपक्षी विधायक खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के खिलाफ तख्तियां लेकर और विरोध के प्रतीक के तौर पर काले ‘स्कार्फ’ पहने सदन के आसन के सामने आ गए और नारेबाजी करने लगे।

उन्होंने नये खनन कानून को ‘‘ओडिशा विरोधी’’ और ‘‘आदिवासी विरोधी’’ बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष सुरामा पाढ़ी ने जब संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग को एक सवाल का जवाब देने की अनुमति दी तो विपक्ष के सदस्यों ने अपना विरोध और तेज कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे कुछ सदस्य जहां पत्रकारों की मेज पर खड़े दिखे, वहीं एक अन्य समूह ने अध्यक्ष के आसन के पास नारेबाजी की।

पाढ़ी के विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपील करने का कोई असर नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही महज सात मिनट बाद पूर्वाह्न 11.30 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गृह, संसदीय कार्य, वित्त, सामान्य प्रशासन एवं जन शिकायत तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभागों से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी थी।

इसके बाद पूर्वाह्न 11.30 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी इसी तरह के स्थिति रही। हालांकि, अध्यक्ष ने इस विरोध के बीच शून्यकाल की कार्यवाही जारी रखी।

बाद में, बीजद के विधायक सदन से बहिर्गमन कर विधानसभा के बाहर पार्टी की ओर से आयोजित विरोध रैली में शामिल हो गए। रैली में एमएमडीआर अधिनियम को रद्द करने की मांग की जा रही थी।

वहीं, कांग्रेस के विधायकों ने अध्यक्ष के आसन के समक्ष अपना विरोध जारी रखा और अध्यक्ष ने भी हंगामे के बीच शून्यकाल की कार्यवाही संचालित की।

हालांकि, विरोध जारी रहने पर अध्यक्ष ने करीब आधे घंटे तक कार्यवाही चलाने के बाद सदन की बैठक शाम चार बजे तक स्थगित कर दी।

विधानसभा का मानसून सत्र 22 सितंबर से शुरू हुआ और पहले दिन से ही सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी बीजद तथा कांग्रेस के बीच गतिरोध जारी है।

विपक्षी दलों का दावा है कि एमएमडीआर के ओडिशा में लागू होने से राज्य को एक करोड़ रूपये से अधिक राजस्व का नुकसान होगा। वहीं, भाजपा के विधायकों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नये खनन कानून से ओडिशा को लाभ होगा।

हालांकि, ओडिशा के इस्पात एवं खान मंत्री बी. बी. जेना ने सदन में अपने हालिया बयान में कहा था कि सरकार ने अभी इसका मूल्यांकन नहीं किया है कि इस नये कानून से राज्य को फायदा होगा या नुकसान।

हालांकि उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया था कि ओडिशा के हितों की रक्षा की जाएगी।

भाषा प्रचेता मनीषा नरेश

नरेश


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