भूपेश बघेल की याचिका में फिलहाल हस्तक्षेप से उच्चतम न्यायालय का इनकार

भूपेश बघेल की याचिका में फिलहाल हस्तक्षेप से उच्चतम न्यायालय का इनकार

भूपेश बघेल की याचिका में फिलहाल हस्तक्षेप से उच्चतम न्यायालय का इनकार
Modified Date: September 28, 2026 / 02:27 pm IST
Published Date: September 28, 2026 2:27 pm IST

(फाइल फोटो के साथ जारी)

नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उस याचिका में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया जिसमें उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से उनके निर्वाचन के खिलाफ भाजपा नेता विजय बघेल की चुनाव याचिका को चुनौती दी है।

भूपेश बघेल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष दलील दी कि चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 81 के तहत निर्धारित 45 दिन की अनिवार्य समय-सीमा के कारण विचारणीय नहीं थी।

सिब्बल ने कहा कि चुनाव याचिका को शुरुआती चरण में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए था।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय बघेल द्वारा दाखिल हलफनामे की तारीख का विशेष रूप से हवाला दिया।

सिब्बल ने कहा कि हलफनामे पर 22 जनवरी 2024 की तारीख है जबकि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 45 दिन की समय-सीमा 17 जनवरी 2024 को समाप्त हो गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हलफनामा समय पर दाखिल नहीं हुआ तो चुनाव याचिका पर कार्यवाही कैसे आगे बढ़ सकती है? हलफनामा समय पर दाखिल किया जाना जरूरी है।’’

हालांकि, पीठ ने कहा कि तारीखों की सत्यता और उनके कानूनी प्रभाव को साक्ष्यों के आधार पर साबित करना होगा।

सिब्बल ने दलील दी कि समय-सीमा से जुड़ी आपत्ति मामले की जड़ से संबंधित है और इसे दीवानी प्रक्रिया संहिता के तहत किसी भी चरण में उठाया जा सकता है। इस पर पीठ ने पूछा, ‘‘यह आपत्ति पहले क्यों नहीं उठाई गई?’’

सिब्बल ने स्वीकार किया कि यह मुद्दा इस चरण में उठाया जा रहा है लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि संबंधित हलफनामा पहले से रिकॉर्ड में है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस चूक को स्वीकार करता हूं, लेकिन जब कानून इतना स्पष्ट है तो मेरी इस चूक को मेरे खिलाफ न माना जाए। कृपया हलफनामे की तारीख देखिए। यह उनका अपना हलफनामा है। नीचे 22 जनवरी की तारीख है जबकि अंतिम तारीख 17 जनवरी थी।’’

पीठ ने इस बात पर गौर किया कि हलफनामा रिकॉर्ड का हिस्सा है।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मौजूदा चरण में कार्यवाही में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। उसने साथ ही संकेत दिया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय समय-सीमा के मुद्दे पर कानून के अनुसार विचार कर सकता है।

यह विवाद विजय बघेल द्वारा दायर उस चुनाव याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती दी है।

विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि भूपेश बघेल ने मतदान से पहले लागू 48 घंटे की प्रचार-निषेध अवधि के दौरान निर्वाचन क्षेत्र में रैली निकाली और उन्होंने उनका चुनाव रद्द करने का अनुरोध किया है।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव


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