ओडिशा : छह जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर, प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
ओडिशा : छह जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर, प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
भुवनेश्वर, 19 अगस्त (भाषा) ओडिशा के छह जिलों में बुधवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। पिछले 24 घंटे के दौरान क्षेत्र में भारी बारिश नहीं होने के बावजूद अधिकतर नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य झारखंड में सुवर्णरेखा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ओडिशा के जलेश्वर स्थित राजघाट में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 10.36 मीटर को पार कर गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर 10.40 मीटर दर्ज किया गया, जिसके कारण बालासोर जिले के जलेश्वर, बस्ता और बालीयापाल नामक तीन प्रखंडों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया।
इसी तरह, बस्ता के माथानी में जलका नदी का जलस्तर 6.5 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया। सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 6.60 मीटर दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि गोविंदपुर में बूढ़ाबलंगा नदी 7.26 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, जो इसके चेतावनी स्तर से थोड़ा ऊपर है। उन्होंने कहा कि पूरा बालासोर जिला बाढ़ की चपेट में है, जिसके चलते प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी ला दी है।
पड़ोसी भद्रक और जाजपुर जिलों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। जल संसाधन विभाग के सूत्रों ने बताया कि राजघाट में सालंदी नदी का जलस्तर 17.10 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है।
वहीं, अखुआपाड़ा में बैतरणी नदी 18.65 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, जबकि वहां खतरे का निशान 18.33 मीटर है।
इस बीच, ब्रह्मणी नदी में आई बाढ़ से प्रभावित केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन ने कुलासाही इलाके के एक आवासीय विद्यालय में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया, जहां 300 से अधिक छात्र फंसे हुए थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “छात्रावासों में पानी भर जाने के बाद छात्रों को स्कूल की इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल पर पहुंचाया गया था। अब ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की पांच मोटर चालित नौकाओं की मदद से उन्हें सुरक्षित निकाला जा रहा है। प्रत्येक नाव में 50 छात्रों को ले जाने की क्षमता है।”
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ की दूसरी लहर से बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में कई लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 3.5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 21 अगस्त तक तीन दिनों के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहले कहा था कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रभावित लोगों को पका हुआ भोजन समेत राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, करीब 100 की संख्या में बचाव दलों को तैनात किया गया है।
भाषा तान्या मनीषा संतोष
संतोष

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