ओडिशा सरकार ने इमारतों की मौजूदा स्थिति की जांच तेज की, 15 दिन में जर्जर ढांचों की होगी पहचान
ओडिशा सरकार ने इमारतों की मौजूदा स्थिति की जांच तेज की, 15 दिन में जर्जर ढांचों की होगी पहचान
भुवनेश्वर, आठ सितंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने दो सप्ताह के भीतर राज्य में असुरक्षित इमारतों की पहचान करने के लिए एक टीम का गठन किया है। आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि इसके बाद संबंधित इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा और बाद में इन ढांचों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
मंत्री ने संवाददाताओं से कहा आवास एवं शहरी विकास विभाग ने स्थिति की नए सिरे से समीक्षा की है और अधिकारियों को असुरक्षित पाई गई इमारतों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
यह कार्रवाई दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट आवास वाली पांच मंजिला इमारत के ढहने के कुछ दिन बाद हुई है। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई थी और पांच अन्य घायल हुए थे।
महापात्र ने कहा, ‘‘आकलन के आधार पर असुरक्षित पाई गई सभी सरकारी इमारतों की जांच की जा चुकी है और नोटिस भी जारी किए गए हैं। मैंने कल विभाग के साथ स्थिति की फिर से समीक्षा की। असुरक्षित पाई गई इमारतों को ध्वस्त करने के लिए जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे।’’
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार असुरक्षित ढांचों के खिलाफ सख्त और समय रहते कार्रवाई करेगी।
महापात्र ने कहा कि विभाग के अधीन आने वाली असुरक्षित इमारतों के मामले में वह खुद कार्रवाई करेगा, जबकि अन्य विभागों के अंतर्गत आने वाले संबंधित ढांचों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने असुरक्षित निजी इमारतों को भी जारी सुरक्षा आकलन के दायरे में लाने का फैसला किया है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘व्यापक और समयबद्ध आकलन सुनिश्चित करने के वास्ते 15 दिन के लिए एक जांच और निरीक्षण टीम गठित की गई है। टीम इमारतों का विस्तृत निरीक्षण करेगी, उनकी संरचनात्मक स्थिति की जांच करेगी और निर्धारित अवधि के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।’’
महापात्र ने कहा कि खतरनाक या संरचनात्मक रूप से कमजोर स्थिति में पाई जाने वाली इमारतों के मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और इसके बाद ऐसी इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
भाषा प्रचेता माधव
माधव

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