सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में संशोधन करेगी ओडिशा सरकार

सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में संशोधन करेगी ओडिशा सरकार

सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में संशोधन करेगी ओडिशा सरकार
Modified Date: August 13, 2026 / 12:19 am IST
Published Date: August 13, 2026 12:19 am IST

भुवनेश्वर, 12 अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार ने बुधवार को सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख नीतियों में संशोधन करने का फैसला किया।

सरकार ने एक सिंचाई परियोजना के लिए 12,458 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों के कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें ओडिशा सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं फैबलेस नीति और ओडिशा नवीकरणीय ऊर्जा नीति (ओआरईपी), 2022 शामिल है।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि सितंबर 2023 में अधिसूचित और मार्च 2024 तथा जुलाई 2025 में संशोधित ओडिशा सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं फैबलेस नीति ने कंपाउंड सेमीकंडक्टर इकाइयों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि अब तक पांच कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनमें दो परियोजनाओं को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत समर्थन मिला है।

गर्ग ने कहा कि हितधारकों से मिले सुझावों और बदलती राष्ट्रीय नीतिगत प्राथमिकताओं के मद्देनजर नीति में तीसरा संशोधन किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस संशोधन के तहत सरकार सेमीकंडक्टर उपकरणों के विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास, सेमीकंडक्टर-ग्रेड रसायनों, गैसों और सामग्रियों के विनिर्माण तथा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े घटकों और उन्नत प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान एवं विकास जैसे उभरते क्षेत्रों को समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में समूचे सेमीकंडक्टर परिवेशी तंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इसी तरह, राज्य मंत्रिमंडल ने नवीकरणीय ऊर्जा के विकास में तेजी लाने, निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और राज्य में उपभोक्ताओं को सस्ती हरित बिजली उपलब्ध कराने के लिए ओडिशा नवीकरणीय ऊर्जा नीति में संशोधन को मंजूरी दी।

भाषा अमित

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