भुवनेश्वर, तीन मार्च (भाषा) ओडिशा सरकार ने संघर्षरत पश्चिम एशिया में फंसे राज्य के लोगों की सुरक्षा की निगरानी के लिए एक समर्पित कार्यसमूह का गठन किया है।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह निर्णय सोमवार को मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और आवश्यकतानुसार जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया।
एक बयान में कहा गया है, ‘‘इस संदर्भ में ओडिशा सरकार ने ओडिशा परिवार निदेशालय, गृह विभाग, राज्य श्रम निदेशालय और विदेश मंत्रालय के अधीन प्रवासी संरक्षक कार्यालय के समन्वय से एक कार्यसमूह का गठन किया है।’’
ओडिशा परिवार निदेशालय में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) प्रीतीश पांडा को उड़िया प्रवासी समुदाय के साथ समन्वय के लिए एकल संपर्क सूत्र नियुक्त किया गया है।
बैठक में उपस्थित डीजीपी वाईबी खुरानिया ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और जहां भी आवश्यक है, तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
राज्य के श्रम मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने कहा कि उनका विभाग भी चौबीसों घंटे स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में फंसे उड़िया लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय के संपर्क में हैं।’’
पांडा ने कहा कि उन्हें ओडिशा के लोगों के परिवार के सदस्यों से 200 से अधिक फोन कॉल प्राप्त हुए हैं, जो अपने गृहनगरों में सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिम एशिया में उड़िया समुदायों के साथ लगातार संपर्क में हैं।’’
भाषा गोला सुरेश
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