ओडिशा: निलंबित आईपीएस अधिकारी दयाल गंगवार पर आठ जीआरपी कर्मियों से घरेलू काम कराने का आरोप

ओडिशा: निलंबित आईपीएस अधिकारी दयाल गंगवार पर आठ जीआरपी कर्मियों से घरेलू काम कराने का आरोप

ओडिशा: निलंबित आईपीएस अधिकारी दयाल गंगवार पर आठ जीआरपी कर्मियों से घरेलू काम कराने का आरोप
Modified Date: June 19, 2026 / 02:49 pm IST
Published Date: June 19, 2026 2:49 pm IST

भुवनेश्वर, 19 जून (भाषा) ओडिशा के निलंबित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी दयाल गंगवार पर अपने घरेलू कार्यों के लिए राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के आठ कर्मियों को तैनात किये जाने का आरोप है। यह जानकारी एक आधिकारिक रिपोर्ट में सामने आई है।

गृह विभाग में विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्यरत गंगवार को हाल ही में निलंबित कर दिया गया था।

यह कार्रवाई उस समय की गई जब उनके खिलाफ जीआरपी आरक्षक सौम्य रंजन स्वैन के परिजनों द्वारा गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। स्वैन की पिछले महीने भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जब उन पर एक महिला से कथित दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगा था।

गृह विभाग की निलंबन संबंधी अधिसूचना के अनुसार, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओडिशा की गोपनीय रिपोर्ट में यह बताया गया कि गंगवार ने आठ जीआरपी कर्मियों को अपने घरेलू कार्यों में लगाया हुआ था, जबकि उनका तबादला रेलवे एवं तटीय सुरक्षा के एडीजी पद से हो चुका था और इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति भी नहीं ली गई थी।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने डीजीपी की रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार को आईपीएस अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया।

स्वैन की मौत के बाद उनके माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र का गंगवार ने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया, जिसके कारण वह अत्यधिक तनाव में था।

राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी (रेलवे एवं तटीय सुरक्षा) अरुण बोथरा को नियुक्त किया था, जिनकी रिपोर्ट डीजीपी को सौंप दी गई।

इसके अलावा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की दो सदस्यीय टीम ने भी इस मामले में गंगवार से पूछताछ की थी।

आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि गंगवार के खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत गंभीर कदाचार के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रस्तावित है।

निलंबन अवधि के दौरान गंगवार को कटक स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में रहना होगा और वह डीजीपी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

गौरतलब है कि सात मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालियंता थाना क्षेत्र के भिंगारपुर-काजा में भीड़ ने कांस्टेबल स्वैन को कथित रूप से एक खंभे से बांधकर पीट-पीटकर मार डाला था।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल हैं।

भाषा मनीषा रंजन

रंजन


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