Political Party Recognition Cancelled: अगली बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे ये 17 राजनीतिक दल! निर्वाचन आयोग ने रद्द की मान्यता, जानिए क्यों हुआ बड़ा एक्शन

अगली बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे ये 17 राजनीतिक दल! निर्वाचन आयोग ने रद्द की मान्यता, Recognition of 17 political parties cancelled

Political Party Recognition Cancelled: अगली बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे ये 17 राजनीतिक दल! निर्वाचन आयोग ने रद्द की मान्यता, जानिए क्यों हुआ बड़ा एक्शन
Modified Date: August 5, 2026 / 06:15 pm IST
Published Date: August 5, 2026 6:14 pm IST

देहरादून। Political Party Recognition Cancelled: उत्तराखंड में आगामी चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 17 राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त कर दी है। ये सभी दल पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल यानी RUPP (Registered Unrecognised Political Parties) की श्रेणी में शामिल थे। आयोग की जांच में सामने आया कि इन दलों ने पिछले करीब छह वर्षों से किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया। इसके अलावा जांच के दौरान कई दल अपने पंजीकृत पते पर भी नहीं मिले।

Political Party Recognition Cancelled: गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में कुल 42 RUPP दल पंजीकृत थे। चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद अब इनकी संख्या घटकर महज 25 रह गई है। यानी आयोग ने निष्क्रिय पाए गए 17 दलों को सूची से बाहर कर दिया है। आयोग की जांच का मुख्य आधार राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता और दलों का वास्तविक अस्तित्व रहा। लंबे समय से किसी चुनावी या राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होने और पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं मिलने के कारण इन दलों की वास्तविकता पर सवाल उठे थे।

यह दल हुए अमान्य (Political Party Recognition Cancelled)

  • भारतीय परिवार पार्टी
  • भारतीय सम्राट सुभाष सेना
  • भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी
  • भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी
  • हमारी जनमंच पार्टी
  • पीपुल्स पार्टी
  • प्रजातंत्र पार्टी ऑफ़ इंडिया
  • राष्ट्रीय जन सहाय दल
  • उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी
  • भारतीय जनक्रांति पार्टी
  • भारत क़ौमी दल
  • भारतीय अंत्योदय पार्टी
  • गोरखा डेमोग्राफिक फ़्रंट
  • मैदानी क्रांति दल
  • प्रजामंडल दल
  • राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी
  • सुराज सेवा दल

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।