ओडिशा: मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान में आदिवासी लोकगीत का लिया जा रहा सहारा
ओडिशा: मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान में आदिवासी लोकगीत का लिया जा रहा सहारा
कोरापुट, 14 जुलाई (भाषा) ओडिशा पुलिस ने कोरापुट जिले में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के लिए जन जागरुकता अभियान में स्थानीय संस्कृति का पुट डालते हुए मादक पदार्थ के सेवन के विरुद्ध संदेश फैलाने के लिए मशहूर आदिवासी लोकगीत ‘छी छी छी रे नानी छी’ का सहारा लिया है।
इस मकसद के लिए तैयार प्रचार सामग्री में एक मशहूर लोक-गीत को नए अंदाज में पेश किया गया है। इसमें दिखाया गया है कि दो ग्रामीण एक व्यक्ति को नशीला पदार्थ लेने के लिए उकसाते हैं, लेकिन वह साफ मना कर देता है। गाने की आकर्षक लाइन को दोहराते हुए, वह व्यक्ति ‘छी-छी-छी रे नानी छी’ कहकर जवाब देता है और इस तरह नशीले पदार्थों को न कहता है।
इस पोस्टर पर ‘नशा मुक्त जेयपोर, नशा मुक्त ओडिशा, नशा मुक्त भारत’ का नारा भी लिखा है, जो नशा-मुक्त समाज के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मकसद मादक पदार्थ विरोधी संदेश को आसान लेकिन असरदार तरीके से पहुंचाना था, इसके लिए ऐसे सांस्कृतिक संदर्भ का इस्तेमाल किया गया जो ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के दिलों को छूता है।
उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (जेयपोर) अर्चिता मित्तल ने कहा कि आम जागरुकता अभियानों की तुलना में, संस्कृति से जुड़े संदेश अक्सर लोगों पर ज़्यादा गहरा और प्रभावी असर डालते हैं।
कोरापुट के पुलस अधीक्षक रोहित वर्मा ने कहा कि ज़िले में मादक पदार्थ के ख़िलाफ़ अभियान सख़्ती से परे जाकर लगातार सामुदायिक भागीदारी के ज़रिए रोकथाम पर ज़ोर देता है।
भाषा राजकुमार शोभना
शोभना

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