भुवनेश्वर, पांच मार्च (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के दो नेताओं – संतृप्त मिश्रा एवं जाने-माने मूत्र रोग विशेषज्ञ दत्तेश्वर होता – ने बृहस्पतिवार को यहां ओडिशा विधानसभा के सचिवालय में राज्यसभा चुनाव के वास्ते नामांकन पत्र दाखिल किया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
मिश्रा और होता ने बीजद अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रदेश सचिव सुरेश पाणिग्रही और अन्य नेताओं की उपस्थिति में नामांकन पत्र दाखिल किया।
पटनायक ने पत्रकारों से कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे दोनों उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। मैं दोनों को बधाई देता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि वे सफल होंगे।”
इससे पहले, पटनायक ने सभी पार्टियों से होता को “साझा उम्मीदवार” के रूप में समर्थन देने की अपील की थी।
भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और राज्यसभा के निवर्तमान सदस्य सुजीत कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि दिलीप राय को स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया है।
ओडिशा में बीजद के ‘साझा उम्मीदवार’ को कांग्रेस का संभावित समर्थन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजद ने 26 साल पहले कांग्रेस को ओडिशा की सत्ता से बेदखल किया था और दोनों पार्टियां लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी रही हैं।
ओडिशा के 147 सदस्यीय विधानसभा में संख्याबल के आधार पर बीजद को एक सीट पक्की लग रही है, जबकि सत्ताधारी भाजपा का दो सीट जीतना करीब-करीब तय है। चौथी सीट के लिए किसी भी पार्टी के पास आवश्यक 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं हैं।
सत्ताधारी भाजपा के पास 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इस तरह उसके पास कुल 82 विधायक हैं, जो तीन सांसदों के निर्वाचित होने के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम हैं।
विपक्षी बीजद के पास 48 विधायक हैं, पिछले महीने उसके दो सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था। एक सांसद के निर्वाचित होने के बाद, उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट होंगे, लेकिन दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोट की आवश्यकता होगी।
कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और माकपा के पास एक विधायक है।
राज्यसभा चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान तथा भाजपा के सुजीत कुमार और ममता मोहंता का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है।
भाषा
राजकुमार रंजन
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