चढ़ावा चोरी मामला: लवकुश मिश्रा की पत्नी को जारी नोटिस पर सुनवाई सात सितंबर तक टली

Ads

चढ़ावा चोरी मामला: लवकुश मिश्रा की पत्नी को जारी नोटिस पर सुनवाई सात सितंबर तक टली

  •  
  • Publish Date - September 1, 2026 / 12:27 AM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 12:27 AM IST

अयोध्या, 31 अगस्त (भाषा) अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी को जारी नोटिस पर सुनवाई सोमवार को सात सितंबर तक के लिए टाल दी।

यह नोटिस बनीपुर-सोहावल में एक मकान के निर्माण को लेकर जारी किया गया था।

एक अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण ने सुप्रिया मिश्रा को जारी नोटिस पर सुनवाई सात सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले प्राधिकरण ने कथित तौर पर बिना मंजूरी के दो मंजिला मकान के निर्माण को लेकर सुप्रिया मिश्रा को नोटिस जारी किया था।

यह संपत्ति उनके नाम पर खरीदी गई थी।

प्राधिकरण ने स्वीकृत भवन योजना और अन्य संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहते हुए पहला नोटिस तीन जुलाई को जारी किया था।

जवाब नहीं मिलने के बाद 14 जुलाई को भवन पर अंतिम नोटिस चस्पा किया गया था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर भवन को सील किया जा सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, लवकुश मिश्रा ने पिछले वर्ष 16 अक्टूबर को बनीपुर में अपनी पत्नी के नाम पर 1,000 वर्ग फुट का भूखंड खरीदा था।

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के दौरान यह संपत्ति जांच के दायरे में आई।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह संपत्ति लवकुश मिश्रा की गिरफ्तारी से पहले चोरी किये गये धन से खरीदी गई हो सकती है।

मिश्रा को राम मंदिर में दान में मिली नकदी की गिनती के काम के लिए नियुक्त किया गया था और उसका मासिक वेतन 15,000 रुपये था।

वर्तमान में वह इस मामले में जेल में बंद है।

राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद 25 जून को दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश मिश्रा ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘प्राधिकरण द्वारा नक्शा मंजूर नहीं किया गया था लेकिन हमने एक मौका दिया, ताकि वह नक्शा मंजूरी के लिए आवेदन कर सके। हम विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का इंतजार कर रहे हैं। अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी।’’

यह पूछे जाने पर कि प्राधिकरण इस मामले में निर्णय लेने में इतना समय क्यों ले रहा है, मिश्रा ने बताया कि मामला सुनवाई के चरण में है और ऐसे मामलों में निर्णय लेने में दो से तीन महीने लगते हैं।

लवकुश की पत्नी को जारी नोटिस पर सुनवाई की तारीख बढ़ाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता रजनीश सिंह ने कहा, ‘‘प्राधिकरण ने हाल के महीनों में आम लोगों के मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें परेशान किया है। लेकिन प्राधिकरण राम मंदिर में चढ़ाने की चोरी के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने में हिचकिचा रहा है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी किसी बड़े व्यक्ति के दबाव में हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्राधिकरण को या तो यह कहना चाहिए कि लवकुश की पत्नी का भवन वैध है नहीं तो अवैध भवन को जमींदोज कर देना चाहिए।’’

भाषा सं राजेंद्र जितेंद्र

जितेंद्र