विनम्रता और संयम के साथ अपने अधिकार का प्रयोग करें आयकर अधिकारी : राष्ट्रपति मुर्मू

विनम्रता और संयम के साथ अपने अधिकार का प्रयोग करें आयकर अधिकारी : राष्ट्रपति मुर्मू

विनम्रता और संयम के साथ अपने अधिकार का प्रयोग करें आयकर अधिकारी : राष्ट्रपति मुर्मू
Modified Date: March 10, 2026 / 03:14 pm IST
Published Date: March 10, 2026 3:14 pm IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि कर अधिकारियों को अपनी शक्तियों का प्रयोग विनम्रता, संयम और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए।

राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात करने आए भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि कर अधिकारियों से ऐसे निर्णय लेने की अपेक्षा की जाती है जो न्यायसंगत, कुशल और व्यावसायिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ पर आधारित हों।

मुर्मू ने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि आपके निर्णय और कार्य व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने तथा देश के राजस्व की रक्षा करने के बीच सही संतुलन स्थापित करेंगे।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि आईआरएस अधिकारी होने के नाते, उन्हें अपने आचरण और निर्णय लेने में सावधानी से विवेक का प्रयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजस्व सेवा का दायित्व कर संग्रह से कहीं अधिक व्यापक है।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘जटिल वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करने, सीमाओं के पार अवैध वित्तीय प्रवाह का पता लगाने और जटिल कॉरपोरेट संरचनाओं को समझने की आपकी क्षमता आपको विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में राष्ट्र की यात्रा को आगे बढ़ाने में अपरिहार्य भागीदार बनाती है।’’

राष्ट्रपति मुर्मू ने आईआरएस (आयकर) के 79वें बैच के प्रशिक्षुओं अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आईआरएस अधिकारी के रूप में, आप यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि करों की वसूली निष्पक्षता, दक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाए।’’

मुर्मू ने इस बात का भी जिक्र किया कि हाल के वर्षों में भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में लगातार वृद्धि करदाता और सरकार के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

भाषा शफीक नेत्रपाल

नेत्रपाल


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