जम्मू कश्मीर में ईरान के पक्ष में प्रदर्शन, उमर ने अमेरिका की निंदा की

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जम्मू कश्मीर में ईरान के पक्ष में प्रदर्शन, उमर ने अमेरिका की निंदा की

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 10:34 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 10:34 PM IST

(परिवर्तित डेटलाइन से )

श्रीनगर, तीन मार्च (भाषा) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन हुए।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस और सेना के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की।

सिन्हा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘(मैंने) कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के लिए कश्मीर के पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस और नागरिक प्रशासन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। (मैंने) अधिकारियों को उच्च सतर्कता बनाए रखने और सार्वजनिक शांति एवं सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं नागरिकों और समुदाय के नेताओं से अपील करता हूं कि वे सौहार्द बनाए रखें और समाज में शांति और सद्भावना का वातावरण बनाने में योगदान दें। शांति बनाए रखना और समाज की प्रगति को कायम रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।’’

विरोध प्रदर्शनों के दूसरे दिन मंगलवार को प्रशासन ने कश्मीर में कड़ी पाबंदियां लगा दीं।

घाटी में सुरक्षा बलों के सभी काफिलों की आवाजाही रद्द कर दी गई क्योंकि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक होने लगे थे।

सोमवार को शिक्षण संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया और मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई।

मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के सुंबल और पट्टन समेत कई स्थानों पर नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

बांदीपुरा जिले के सुंबल में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया।

बुधाल में, लोग शेख-उल-आलम मस्जिद के सामने इकट्ठा हुए तथा ईरान में अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा की।

लोगों ने नारेबाजी करते हुए इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और मुस्लिम जगत के खिलाफ आक्रामकता बताया।

राजौरी में मुस्लिम युवाओं ने ईरान के समर्थन में मार्च निकाला।

खामेनेई की हत्या के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में सोमवार को हुए प्रदर्शनों में छह सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 14 लोग घायल हो गए।

श्रीनगर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है।

इस बीच, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान पर हमलों की निंदा की तथा अमेरिका और इजराइल द्वारा इस तरह की कार्रवाई करने के अधिकार पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि कोई भी अंतरराष्ट्रीय कानून सैन्य आक्रमण, किसी राष्ट्र के नेता की हत्या या नागरिकों की हत्या को उचित नहीं ठहराता।

अब्दुल्ला ने लोगों से संयम बरतने और अपने गुस्से या दुख को कानूनी और शांतिपूर्ण तरीकों से व्यक्त करने का आग्रह किया।

भाषा राजकुमार अविनाश

अविनाश