मानसिक अस्पताल में अतिक्रमण पर न्यायालय ने कहा, कम से कम कुछ जगह तो छोड़ दो

मानसिक अस्पताल में अतिक्रमण पर न्यायालय ने कहा, कम से कम कुछ जगह तो छोड़ दो

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  • Publish Date - June 28, 2022 / 05:34 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:39 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने एक मानसिक रोग अस्पताल के परिसर में अतिक्रमण से संबंधित मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे बी परदीवाला की अवकाशकालीन पीठ ने कहा, ‘‘मानसिक अस्पताल में आप लोगों ने घर बना लिये हैं। कम से कम कुछ जगह तो छोड़ दो।’’

पीठ उच्च न्यायालय के 14 जून के आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने जमीन खाली कराने के लिए अमीरपेट तहसील के तहसीलदार और कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा अप्रैल में जारी आदेश को रद्द करने की अर्जी को खारिज कर दिया था।

उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि अस्पताल में भर्ती लोगों की जिंदगी को दयनीय नहीं बनाया जा सकता।

शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं को अतिक्रमण हटाने के लिए दो महीने का समय दिया और उच्च न्यायालय में यह शपथपत्र देने को कहा कि वे दो महीने के भीतर संपत्ति से शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा छोड़ देंगे।

भाषा वैभव नरेश

नरेश