केवल ‘कॉजपा’ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है: तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी
केवल ‘कॉजपा’ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है: तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी
कोलकाता, 26 सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने अपनी पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों की सीमाओं को स्वीकार करते हुए शनिवार को कहा कि केवल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) ही मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है।
बनर्जी ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से कहा, ‘‘अगर कॉजपा सच में चुनौती दे, तो वह कुमार को हटा सकती है; कोई दूसरी राजनीतिक पार्टी ऐसा नहीं कर सकती।’’
वह सीईसी के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों की ओर से विरोध के प्रयासों के बारे में बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कॉजपा के केंद्रित दृष्टिकोण से इसे तेज़ी से परिणाम हासिल करने में मदद मिल सकती है।
बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर कॉजपा ऐसा करती है, तो मामले का निपटारा तेज़ी से होगा। वे एक मुद्दे पर डटे रहते हैं और पूरे दिल-ओ-जान से उसे पूरा करते हैं।’’
उन्होंने पश्चिम बंगाल में दल-बदल को लेकर राजनीतिक दलों की आलोचना भी की।
बनर्जी ने कहा, ‘‘हमारे पास ऐसे कितने लोग हैं जो पूरे दिल और जान से काम करते हैं? आपने देखा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में कितने नेता बिक गए गए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे (कॉजपा) जो आंदोलन कर रहे हैं, उससे तुरंत राहत मिलती है; पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का हटना इसका सबूत है।’’
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को सीईसी के इस्तीफ़े की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे ‘‘जंतर-मंतर 2.0’’ आंदोलन शुरू करेंगे।
यह टिप्पणी तब आई जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने बुधवार को खबर दी कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई है। इन फैसलों में मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने के साथ-साथ मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में बदलाव भी शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत आयोग के सभी फ़ैसले सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की मंज़ूरी से लिए गए हैं।
भाषा नेत्रपाल पवनेश
पवनेश

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