कावेरी जल बंटवारे पर फैसला लेने का अधिकार केवल सीडब्ल्यूएमए के पास है : द्रमुक

कावेरी जल बंटवारे पर फैसला लेने का अधिकार केवल सीडब्ल्यूएमए के पास है : द्रमुक

कावेरी जल बंटवारे पर फैसला लेने का अधिकार केवल सीडब्ल्यूएमए के पास है : द्रमुक
Modified Date: July 30, 2026 / 11:48 am IST
Published Date: July 30, 2026 11:48 am IST

चेन्नई, 30 जुलाई (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता टी. के. एस. एलनगोवन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कर्नाटक सरकार का कावेरी नदी पर कोई अधिकार नहीं है और जल बंटवारे का फैसला करने का अधिकार केवल कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के पास है।

एलनगोवन ने मेकेदातु बांध परियोजना के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए यह टिप्पणी की। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब खबरें हैं कि कर्नाटक की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को इस आधार पर लौटा दिया गया कि वह कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले और उच्चतम न्यायालय के निर्णयों के अनुरूप नहीं है।

द्रमुक नेता ने कहा, ‘‘एक बार न्यायाधिकरण का गठन हो जाने के बाद उसके अधिकार क्षेत्र में कोई अन्य हस्तक्षेप नहीं कर सकता।’’

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और कर्नाटक के उनके समकक्ष डी. के. शिवकुमार के बीच कावेरी विवाद पर प्रस्तावित बैठक के बारे में पूछे जाने पर द्रमुक के प्रवक्ता ने इस पहल को ‘‘महज दिखावा’’ करार दिया।

एलनगोवन ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री से बात करने का क्या फायदा? वह तो मेकेदातु में बांध बनाने के अपने फैसले पर अड़े हुए हैं।’’

उन्होंने कहा कि बातचीत करने के बजाय न्यायाधिकरण से अपील की जानी चाहिए कि वह इस बांध के निर्माण पर रोक लगाए।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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