Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari: सूर्यकांत तिवारी पर आयकर विभाग का शिकंजा, कोयला घोटाला मामले में हुई बड़ी कार्रवाई

Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari: सूर्यकांत तिवारी पर आयकर विभाग का शिकंजा, कोयला घोटाला मामले में हुई बड़ी कार्रवाई

Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari: सूर्यकांत तिवारी पर आयकर विभाग का शिकंजा, कोयला घोटाला मामले में हुई बड़ी कार्रवाई

Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari: सूर्यकांत तिवारी पर आयकर विभाग का शिकंजा, कोयला घोटाला मामले में हुई बड़ी कार्रवाई /image: IBC24 File

Modified Date: September 22, 2026 / 09:23 am IST
Published Date: September 22, 2026 9:08 am IST
HIGHLIGHTS
  • सूर्यकांत तिवारी का भिलाई स्थित मकान सील
  • आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति मामले में की कार्रवाई
  • ढोल बजाकर मुनादी के बाद पढ़ा गया नोटिस

दुर्ग/भिलाई। Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari: छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग रायपुर (Income Tax Action) की टीम ने कोयला घोटाला (Coal Scam Case) से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग की टीम ने बीते दिन कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के भिलाई स्थित जुनवानी के सूर्या रेजिडेंसी (Surya Residency Bhilai) में दबिश दी थी। अधिकारियों के मुताबिक सूर्यकांत तिवारी ने बेनामी संपत्ति अपने पास रखी थी। आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान इसका खुलासा हुआ।

तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई (Suryakant Tiwari House Sealed)

बताया जा रहा है कि सूर्यकांत तिवारी ने मनीष उपाध्याय के नाम पर मकान की रजिस्ट्री करवाई थी। आयकर विभाग ने इस मकान को सील कर दिया है। तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग की टीम ढोल लेकर मौके पर पहुंची। ढोल बजाकर पहले पूरी कॉलोनी में मुनादी कराई गई और वहां मौजूद लोगों के सामने नोटिस पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद आयकर विभाग ने मकान को सील कर दिया।

Chhattisgarh Coal Scam Suryakant Tiwari आपको बता दें कि ED रेड के बाद सूर्यकांत तिवारी के बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ था। जिसके बाद अब आयकर विभाग की टीम ने ये कार्रवाई की है।

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.