करतारपुर गलियारा फिर से खोलने के लिए ‘जीरो लाइन’ पर अरदास करने से सिख समूह को रोका गया

करतारपुर गलियारा फिर से खोलने के लिए ‘जीरो लाइन’ पर अरदास करने से सिख समूह को रोका गया

करतारपुर गलियारा फिर से खोलने के लिए ‘जीरो लाइन’ पर अरदास करने से सिख समूह को रोका गया
Modified Date: September 22, 2026 / 01:04 am IST
Published Date: September 22, 2026 1:04 am IST

डेरा बाबा नानक, 21 सितंबर (भाषा) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के नेतृत्व में सिखों के एक जत्थे को करतारपुर गलियारा फिर से खोलने की मांग को लेकर ‘जीरो लाइन’ पर अरदास करने जाने से रोक दिया।

करतारपुर गलियारा जल्द फिर से खोलने के लिए भारत-पाकिस्तान सीमा के दोनों ओर सिख समुदायों द्वारा आयोजित एक संयुक्त अरदास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गड़गज यहां डेरा बाबा नानक पहुंचे थे।

यह कार्यक्रम पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के निमंत्रण पर आयोजित किया गया था।

गड़गज ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ श्री गुरु नानक देव के ज्योति जोत दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब (करतारपुर साहिब) से जीरो लाइन तक ‘नगर कीर्तन’ निकाला गया।

वहीं, भारतीय क्षेत्र में गड़गज की अपील पर सिख श्रद्धालु डेरा बाबा नानक में एकत्र हुए और उनके नेतृत्व में जत्थे के रूप में ‘जीरो लाइन’ की ओर रवाना हुए।

मीडिया से बातचीत में गड़गज ने कहा कि सिखों को जीरो लाइन पर ‘अरदास’ करने से रोकना बीएसएफ की ओर से उचित नहीं है।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल


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