15-18 वर्ष आयु समूह के टीकाकरण के लिए फिलहाल सिर्फ कोवैक्सीन के ही उपलब्ध रहने की संभावना

15-18 वर्ष आयु समूह के टीकाकरण के लिए फिलहाल सिर्फ कोवैक्सीन के ही उपलब्ध रहने की संभावना

15-18 वर्ष आयु समूह के टीकाकरण के लिए फिलहाल सिर्फ कोवैक्सीन के ही उपलब्ध रहने की संभावना
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: December 26, 2021 11:04 pm IST

पायल बनर्जी

‍नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (भाषा) अगले साल तीन जनवरी से 15-18 साल आयु वर्ग के किशोरों को दिये जाने वाले कोविड निरोधक टीकाकरण के लिए सिर्फ भारत बायोटेक के टीके ‘कोवैक्सीन’ के ही उपलब्ध रहने की संभावना है। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

इसी के साथ स्वास्थ्य व अग्रिम मोर्चे के कर्मियों तथा गंभीर बीमारी से ग्रस्त 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले लोगों को तीसरी खुराक उसी टीके की लगाई जाएगी जिसकी उन्हें पहली दो खुराकें लगाई गयी हैं।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात राष्ट्र के नाम संदेश में ऐलान किया था कि तीन जनवरी से 15-18 साल आयु वर्ग के किशोरों के लिए कोविड रोधी टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा जबकि 10 जनवरी से स्वास्थ्य एवं अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को ‘एहतियाती खुराक’ यानी तीसरी खुराक लगाई जाएगी।

यह निर्णय वायरस के ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप से संबंधित कोविड मामलों में बढ़ोतरी के बीच आया है।

एक सरकारी सूत्र ने बताया कि भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ फिलहाल एकमात्र कोविड-19 रोधी टीका है जिसे तीन जनवरी से 15-18 साल के किशोरों को लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस श्रेणी में अनुमानित आबादी सात से आठ करोड़ है।

सूत्रों ने बताया कि जाइडस कैडिला का टीका ‘जैकोव-डी’ को देश के टीकाकरण कार्यक्रम में अबतक शामिल नहीं किया गया है, यहां तक की वयस्क आबादी के लिए भी इसे शामिल नहीं किया गया है। हालांकि औषधि नियंत्रक से इसे 20 अगस्त को आपात स्थिति में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी थी, जिससे यह देश में पहला टीका बन गया था जिसे 12-18 साल के आयु वर्ग को लगाया जा सकता है।

कोविड-19 टीके की दूसरी और तीसरी खुराक के बीच का अंतराल नौ से 12 महीने का हो सकता है।

कोविन पोर्टल पर जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि टीकाकरण की नई श्रेणी पंजीकरण करा सके।

भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने देश में ही विकसित कोवैक्सीन टीके को 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर आपात स्थिति में इस्तेमाल करने की मंजूरी शुक्रवार को दी है लेकिन कुछ शर्तें भी लगाई हैं।

भाषा नोमान रंजन

रंजन


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