देहरादून, एक अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हाल में हत्याओं समेत अनेक आपराधिक घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़ा रूख अपनाए जाने के बाद अवांछित, हुड़दंगी तत्वों तथा देर रात तक जारी रहने वाली अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री के इस संबंध में कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने मंगलवार रात यहां पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की तथा अधिकारियों के साथ ‘ऑपरेशन प्रहार’ की रणनीति तय की।
गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप, एसटीएफ आईजी नीलेश आनन्द भरणे, देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल तथा एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में डीजीपी ने सभी स्तरों पर स्पष्ट रूप से जिम्मेदारियां निर्धारित कीं।
बैठक में गढ़वाल आईजी को दैनिक रूप से देहरादून की कानून-व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए जबकि देहरादून एसएसपी को अपने अधीनस्थ अधिकारियों को अपने क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग करने तथा उनमें स्पष्ट रूप से काम बांटते हुए उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया है।
देहरादून जिले के पुलिस क्षेत्राधिकारियों (सीओ) एवं थाना प्रभारियों (एसओ) को स्वयं फील्ड में सक्रिय रहकर अपराध के चिह्नित ‘हॉटस्पॉट’ में खास तौर से सुबह के समय पुलिस बल की मौजूदगी (विजिबिलिटी) बढ़ाए जाने तथा नाकों पर सघन तलाशी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आईजी एवं एसएसपी एसटीएफ को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय के बाद देर रात तक संचालित हो रहे बार एवं पब पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
डीजीपी ने देहरादून में ‘पेईंग गेस्ट’ तथा किराएदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं ।
सेठ ने कहा, ‘‘देहरादून में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी, सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।’’
देहरादून में पिछले दो-तीन महीने में हत्या, गोलीबारी, झगड़ा-मारपीट जैसी अनेक आपराधिक घटनाएं सामने आयी हैं। इनमें से गुंजन श्रीवास्तव हत्याकांड, अर्जुन शर्मा हत्याकांड और विक्रम शर्मा हत्याकांड जैसी घटनाओं को शहर के बीचोंबीच दिन दहाड़े अंजाम दिया गया। देहरादून में मसूरी रोड पर 30 मार्च को दो कार में सवार लोगों के बीच हुई गोलीबारी की चपेट में आकर सुबह की सैर पर निकले एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत ने राज्य की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया।
भाषा दीप्ति गोला
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