सरकार को अस्थिर करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति कर रहा विपक्ष: भाजपा

सरकार को अस्थिर करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति कर रहा विपक्ष: भाजपा

सरकार को अस्थिर करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति कर रहा विपक्ष: भाजपा
Modified Date: November 29, 2022 / 07:56 pm IST
Published Date: June 19, 2022 6:57 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को, विपक्ष पर राष्ट्रीय सुरक्षा और सशस्त्र बलों के मुद्दे पर राजनीति करने और सरकार के लिए अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने अग्निपथ योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के समर्थन में कांग्रेस के ‘सत्याग्रह’ को “शुद्ध राजनीति” करार दिया। केंद्र सरकार द्वारा सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए लाई गई नई योजना अग्निपथ का विरोध कर रहे युवाओं के समर्थन में कांग्रेस के सांसदों और नेताओं ने रविवार को दिल्ली में जंतर मंतर पर ‘सत्याग्रह’ किया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने युवाओं से “नकली राष्ट्रवादियों” की पहचान करने और देश में “असली देशभक्त” सरकार बनाने का आग्रह किया। उन्होंने आग्रह किया कि नई सैन्य भर्ती योजना युवाओं और सेना के लिए विनाशकारी हो सकती है।

प्रियंका गांधी के बयान पर पात्रा ने कहा, “प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा है कि उनका लक्ष्य सरकार को गिराना है। इससे यह साफ होता है कि उन्हें देश के सशस्त्र बलों और युवाओं की चिंता नहीं है। यह दुखद है।” उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। लेकिन ऐसे विषय पर राजनीति हो रही है और सशस्त्र बलों के अधिकारियों को आगे आकर उन्हें (अग्निपथ योजना के बारे में) समझाना पड़ रहा है।”

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “विपक्ष गुमराह क्यों कर रहा है? आखिर विपक्ष चाहता क्या है?” अग्निपथ योजना को एक जरूरी सुधार करार देते हुए पात्रा ने कहा कि इस योजना से सशस्त्र बलों में युवाओं की संख्या अधिक होगी। उन्होंने कहा कि सेना में जवानों की औसत आयु कम करने का प्रस्ताव 1989 में दिया गया था।

पात्रा ने कहा कि वर्तमान में भारतीय थलसेना की औसत आयु 32 वर्ष है और अग्निपथ योजना के माध्यम से इसे घटाकर 26 वर्ष किया जाना है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के बाद की सभी समितियों ने सशस्त्र बलों में ऐसे सुधार का सुझाव दिया था।

भाषा यश नरेश

नरेश


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