विपक्ष ने जनरल डिब्बों को लेकर झूठा विमर्श गढ़ा, उनके लिए गरीब सिर्फ वोट बैंक: वैष्णव
विपक्ष ने जनरल डिब्बों को लेकर झूठा विमर्श गढ़ा, उनके लिए गरीब सिर्फ वोट बैंक: वैष्णव
नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष पर रेलवे के जनरल और स्लीपर डिब्बों को लेकर फर्जी विमर्श गढ़ने और ‘‘विकास विरोधी’’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके लिए गरीब सिर्फ वोट बैंक रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार गरीबों के लिए समर्पित होकर काम करती है।
वैष्णव ने वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि सभी ट्रेनों में जनरल और स्लीपर डिब्बों की संख्या कुल डिब्बों का 70 प्रतिशत है।
उन्होंने तीन चुनावी राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के सत्तारूढ़ दलों को मंगलवार को ‘‘विकास विरोधी’’ करार देते हुए कहा कि इन्होंने इन प्रदेशों में रेलवे परियोजनाओं को अवरुद्ध कर रखा है।
इन तीनों प्रदेशों तथा असम और पुडुचेरी में अगले महीने विधानसभा चुनाव होना है।
मंत्री के जवाब के बाद, सदन ने रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों को कई विपक्षी सदस्यों के कटौती प्रस्तावों को खारिज करते हुए ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान कर दी।
चर्चा में, 210 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।
वैष्णव ने अपने जवाब में कहा, ‘‘कई सांसदों ने फर्जी विमर्श गढ़ने की कोशिश की। आज भी जनरल और स्लीपर डिब्बों की संख्या कुल डिब्बों का 70 प्रतिशत है… हमारी प्रतिबद्धता गरीबों के प्रति है। यह हर कार्यक्रम में दिखाई देता है।’’
वैष्णव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये लोग नहीं समझ सकते हैं, क्योंकि उन्होंने सिर्फ गरीबी हटाओ के नारे दिए और इनके लिए गरीब सिर्फ वोट बैंक रहा है।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया यही बना रहेगा तो वह अपनी जगह (विपक्ष) पर ही रह जाएगा।
मंत्री ने कहा कि बजट में रेलवे को किये गए रिकॉर्ड आवंटन का लाभ देश के प्रत्येक राज्य को मिलेगा।
रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 10 साल पहले रेलवे बजट को आम बजट के साथ मिलाने का जो निर्णय लिया था, उसका फायदा रेलवे को अब भी मिल रहा है और आगे भी मिलता रहेगा।
वैष्णव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के दूरदर्शी निर्णय के कारण रेलवे को आगामी वित्त वर्ष के लिए 2.78 लाख करोड़ रुपये का आवंटन मिला तथा हर साल अलग-अलग परियोजनाएं शुरू हो रही हैं और सभी परियोजनाओं में पारदर्शिता आई है।’’
उन्होंने कहा कि रेलवे की वित्तीय हालत बहुत सुधरी है तथा इसके खाते अन्य विभागों की तरह ही पारदर्शी तरीके से सामने रखे जाते हैं।
वैष्णव के अनुसार, रेलवे में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का खर्च कर्मचारियों पर और 32 हजार करोड़ रुपये का व्यय ऊर्जा पर हो रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेल दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा माल परिवहन वाला रेलवे बन गया है।
वैष्णव ने कहा कि इस सरकार के दौरान 47 हजार किलोमीटर रेल मार्ग पर विद्युतीकरण हो चुका है और इस तरह लगभग 99 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है।
उन्होंने कहा कि देश में हाइड्रोजन ट्रेन तैयार हो चुकी है जो दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। उन्होंने कहा कि अमृत भारत ट्रेन और वंदे भारत ट्रेन का सबको बहुत फायदा हुआ है।
वैष्णव ने कहा कि 1,300 स्टेशनों का पुनर्निर्माण काम शुरू किया गया है जिनमें 180 स्टेशनों का पुनर्निर्माण हो चुका है और कई स्टेशनों का काम पूरा होने के करीब है।
रेल मंत्री ने अपनी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘जैसे प्रभु श्रीराम राम ने जब (लंका जाने के लिए समुद्र में) सेतु बनाया था तो एक गिलहरी ने भी अपनी भूमिका निभाई थी। मैं विकसित भारत के पुल में एक छोटी सी गिलहरी की भूमिका निभा रहा हूं।’’
भाषा
हक हक सुभाष
सुभाष

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