विपक्ष के सांसदों ने एमएसपी संबंधी समिति की रिपोर्ट नहीं आने पर चिंता जताई

विपक्ष के सांसदों ने एमएसपी संबंधी समिति की रिपोर्ट नहीं आने पर चिंता जताई

विपक्ष के सांसदों ने एमएसपी संबंधी समिति की रिपोर्ट नहीं आने पर चिंता जताई
Modified Date: March 18, 2026 / 03:38 pm IST
Published Date: March 18, 2026 3:38 pm IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) लोकसभा में बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए सरकार द्वारा बनाई गई समिति की रिपोर्ट नहीं आने से कमेटी के अस्तित्व पर सवाल खड़ा होता है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कृषि मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुधाकर सिंह ने कहा कि एमएसपी पर बनाई गई समिति की अब तक अंतरिम रिपोर्ट भी नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि चार साल बाद भी समिति की रिपोर्ट नहीं आना यह दर्शाता है कि इसकी प्रगति शून्य है। राजद सांसद ने कहा कि लोगों के बीच ऐसी चर्चा है कि समिति का कोई अस्तित्व नहीं बचा है क्योंकि वह (समिति) कोई चर्चा नहीं कर रही, और यह संसद का अपमान है।

सिंह ने भारत-अमेरिका समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को नुकसान होगा।

कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी ने भी कहा कि सरकार ने एमएसपी की कानूनी गारंटी की बात कही थी लेकिन आज तक समिति की रिपोर्ट नहीं आई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पिछले साल बाढ़ से हुए नुकसान के बाद राज्य और केंद्र की सरकार ने प्रभावित किसानों का साथ नहीं दिया।

चन्नी ने कहा, ‘‘अभी भी समय है और सरकार को मुआवजा देना चाहिए।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खामियां होने का दावा करते हुए सरकार से इन्हें दुरुस्त करने का आग्रह किया।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार किसानों के हित में कोई काम नहीं करना चाहती और उसका हर कदम किसानों के खिलाफ होता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार पहले तीन कृषि कानून लाई थी जिन्हें आंदोलन के बाद वापस ले लिया गया और अब उसने अमेरिका के साथ समझौता कर लिया।’’

उन्होंने कहा कि सरकार को खेतिहर मजदूरों के बारे में भी योजनाएं बनानी चाहिए।

माकपा के अमरा राम ने आरोप लगाया कि देश में किसानों की आत्महत्या की घटना के लिए 1990 से लेकर आज तक लागू की गईं किसान विरोधी नीतियां जिम्मेदार हैं।

उन्होंने भी एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग की।

भाषा वैभव सुभाष

सुभाष


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