सीएपीएफ विधेयक पर रास में चर्चा के लिए आठ घंटे का समय आवंटित, विपक्षी दलों ने जताई आपत्ति

सीएपीएफ विधेयक पर रास में चर्चा के लिए आठ घंटे का समय आवंटित, विपक्षी दलों ने जताई आपत्ति

सीएपीएफ विधेयक पर रास में चर्चा के लिए आठ घंटे का समय आवंटित, विपक्षी दलों ने जताई आपत्ति
Modified Date: March 24, 2026 / 12:01 am IST
Published Date: March 24, 2026 12:01 am IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) ने सोमवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय आवंटित किया।

सूत्रों का कहना है कि कम से कम चार विपक्षी दलों ने विधेयक पेश करने पर आपत्ति जताई।

विधेयक को राज्यसभा के एजेंडे के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन सोमवार को इसे सदन में नहीं लाया गया।

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्यसभा में सीएपीएफ विधेयक पेश करने का विरोध किया, साथ ही सरकार को जल्दबाजी में कानून पारित करने के खिलाफ आगाह किया।

सदन द्वारा जारी कार्य सूची के अनुसार, प्रस्तावित कानून सीएपीएफ अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति और पदोन्नति को विनियमित करने के लिए लाया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि विपक्षी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन करने वाले विधेयक को आगे की पड़ताल के लिए प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए।

बीएसी ने दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के लिए चार घंटे आवंटित किए।

भाषा हक राजकुमार धीरज

धीरज


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