‘वंदे मातरम्’ पर स्वतंत्रता सेनानियों के निर्णय का सम्मान करें हमारे सहयोगी: कांग्रेस
‘वंदे मातरम्’ पर स्वतंत्रता सेनानियों के निर्णय का सम्मान करें हमारे सहयोगी: कांग्रेस
नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कांफ्रेस के नेता फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए जाने का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि उसके सहयोगी दलों को स्वतंत्रता सेनानियों के विवेक और निर्णय का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय गीत के केवल उसी संस्करण को गाना चाहिए जिसे उन्होंने अपनाया था।
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि यह गीत को सांप्रदायिक रंग दिए जाने से बचाने के लिए सोच-समझकर किया गया फैसला था और आज भी यह खतरा उतना ही वास्तविक है।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उद्घाटन के दौरान सोमवार को ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे गाये गए थे। इसमें फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे तथा राष्ट्रीय गीत के गायन के समय सम्मान में खड़े रहे।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर इसका एक वीडियो जारी कर कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, राजेंद्र प्रसाद, आचार्य नरेंद्र देव, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू और जे.बी. कृपलानी का ‘‘विचारित निर्णय’’ कांग्रेस के लिए सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के परामर्श का भी महत्वपूर्ण योगदान था।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सम्मान और विनम्रता के साथ हम अपने सहयोगियों से आग्रह करते हैं कि वे हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की बुद्धिमत्ता और निर्णय का सम्मान करें और हमारे साथ केवल उस संस्करण को गाने में खड़े हों जिसे उन्होंने अपनाया था।’’
वेणुगोपाल के अनुसार, ‘‘वह संस्करण (दो छंदो वाला) सोच- समझकर चुना गया था ताकि गीत का सांप्रदायिकीकरण न हो, एक ऐसा खतरा जो तब भी उतना ही वास्तविक था जितना आज है।’’
उनका कहना था कि इस फैसले को कायम रखना ही गणराज्य के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी चरित्र को बनाए रखना है।
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लिए स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं द्वारा लिया गया यह फैसला महत्वपूर्ण है और पार्टी इसी दृष्टिकोण के अनुरूप ‘वंदे मातरम्’ के उस संस्करण का समर्थन करती है जिसे उन्होंने स्वीकार किया था।
भाषा हक नरेश
नरेश

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