नीट-पीजी में 2.63 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जयपुर के दो केंद्रों पर दोबारा परीक्षा होगी

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नीट-पीजी में 2.63 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जयपुर के दो केंद्रों पर दोबारा परीक्षा होगी

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 07:03 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 07:03 PM IST

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) चिकित्सा के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए रविवार को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी)-2026 में 2.63 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, लेकिन राजस्थान के जयपुर में दो परीक्षा केंद्रों की बिजली आपूर्ति बाधित होने की वजह से परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएएस)की ओर से जारी एक परिपत्र के अनुसार, प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए जयपुर में पांच सितंबर को अपराह्न तीन बजे दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि एनबीईएमएस ने परीक्षा केंद्रों पर जरूरी आधारभूत अवसंरचना सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार तकनीकी साझेदार और एजेंसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करने के लिए एक तत्काल बैठक बुलाई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जयपुर के सीतापुरा में मौजूद दो आईओएन डिजिटल जोन सेंटर पर परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी और तकनीकी साझेदार टीसीएस लिमिटेड की वजह से बिजली आपूर्ति में आई अंदरूनी समस्या के कारण 2,445 अभ्यर्थियों की परीक्षा पूरी नहीं हो सकी।

बयान के मुताबिक प्रभावित केंद्र आईओएन डिजिटल ज़ोन आईडीजेड सीतापुरा (परीक्षा केंद्र संख्या 41682 और 41683) हैं।

बोर्ड ने कहा कि दोबारा परीक्षा की जगह और बदले हुए प्रवेश पत्र समेत संबंधित जानकारी अलग से दी जाएगी।

मंत्रालय ने बताया कि नीट-पीजी परीक्षा 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर 2,73,096 उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जानी थी।

बयान के मुताबिक नीट-पीजी में कुल 2,65,980 उम्मीदवार शामिल हुए और लगभग 2,63,535 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक परीक्षा दी।

मंत्रालय ने बताया कि देशव्यापी परीक्षा के लिए व्यापक वास्तविक समय में निगरानी और कड़े सुरक्षा उपाय किए गए थे।

परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए कुल 2,527 चिकित्सा शिक्षकों को स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता के तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, डीन, निदेशक , चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ प्रोफेसर समेत 700 से अधिक वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षकों को उड़न दस्ते के सदस्यों के तौर पर तैनात किया गया था।

मंत्रालय ने बताया कि समन्वय और निगरानी को मजबूत करने के लिए देश भर में 16 एनबीईएमएस क्षेत्रीय कमान स्थापित किये गए थे।

परीक्षा केंद्रों की भी सीसीटीवी की मदद से वास्तविक समय में निगरानी की गई। एनबीईएमएस कमान केंद्र के द्वारका स्थित मुख्यालय से लगातार नजर रखी जा रही थी। एनबीईएमएस और टीसीएस के 190 कर्मियों की एक समर्पित टीम को सीसीटीवी से प्राप्त फुटेज की निगरानी और देखरेख के लिए तैनात किया गया था।

बयान के मुताबिक परीक्षा की सुरक्षा को और मजबूत करने और किसी और के परीक्षा देने को रोकने के उपायों के तहत, परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों का आधार-आधारित सत्यापन सफलतापूर्वक किया गया।

एनबीईएमएस ने प्रभावित अभ्यर्थियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उसने यह सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं कि उन्हें नीट-पीजी 2026 में शामिल होने का निष्पक्ष और समान अवसर मिले।

भाषा धीरज रंजन

रंजन