बंगाल में कोविड के दौरान पीएम केयर्स के तहत लगाए गए ऑक्सीजन संयंत्र बंद, वेंटिलेटर भी बेकार: कैग

बंगाल में कोविड के दौरान पीएम केयर्स के तहत लगाए गए ऑक्सीजन संयंत्र बंद, वेंटिलेटर भी बेकार: कैग

बंगाल में कोविड के दौरान पीएम केयर्स के तहत लगाए गए ऑक्सीजन संयंत्र बंद, वेंटिलेटर भी बेकार: कैग
Modified Date: July 26, 2026 / 03:36 pm IST
Published Date: July 26, 2026 3:36 pm IST

कोलकाता, 26 जुलाई (भाषा) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में कोविड-19 के दौरान पीएम केयर्स और सीएसआर पहल के तहत लगाए गए पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों में से आधे से अधिक संयंत्र दिसंबर 2023 तक या तो शुरू ही नहीं हुए थे या फिर काम नहीं कर रहे थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दो सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सांद्रकों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।

रिपोर्ट में कोविड से जुड़ी निधि के इस्तेमाल में भी कमियां बताई गई हैं।

इसमें कहा गया कि आपात कोविड प्रतिक्रिया पैकेज (ईसीआरपी)-2 के तहत जारी कुल राशि में से 659.28 करोड़ रुपये (65 प्रतिशत) मार्च 2022 तक खर्च नहीं की गई थी।

इसके अलावा, कोविड से निपटने के लिए राज्य को दी गई 462.05 करोड़ रुपये की राज्य कोविड संयुक्त निधि का भी इस्तेमाल नहीं किया गया।

ये निष्कर्ष पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और सेवाओं के प्रबंधन को लेकर कैग की रिपोर्ट का हिस्सा हैं।

साल 2024 की यह रिपोर्ट शुक्रवार को विधानसभा में पेश की गई। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने 2024-25 तक के चार वित्तीय वर्षों की कैग रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की थी।

ऑडिट में कोविड-19 के दौरान बनाई गई स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पीएम केयर्स फंड से वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सांद्रकों और पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र उपलब्ध कराए गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, पीएम केयर्स और सीएसआर के तहत दिए गए 75 पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों में से दिसंबर 2023 तक केवल 32 संयंत्र चालू थे।

इसमें कहा गया कि बाकी 43 संयंत्र या तो शुरू नहीं किए गए या फिर काम नहीं कर रहे थे।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल


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