Pahalgam Attack Mastermind : पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बेनकाब! पाकिस्तान में नाम बदलकर छिपा है ‘सलीम लंगड़ा’, फटे कपड़ों और पुराने मोबाइल के साथ जी रहा है ऐसी जिंदगी

पहलगाम हमले के एक साल बाद जांच एजेंसियों ने बड़े खुलासे में मास्टरमाइंड आतंकी की पहचान उजागर कर दी है। एनआईए की जांच में सामने आया कि आरोपी नाम बदलकर पाकिस्तान में छिपा हुआ है।

Pahalgam Attack Mastermind : पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बेनकाब! पाकिस्तान में नाम बदलकर छिपा है ‘सलीम लंगड़ा’, फटे कपड़ों और पुराने मोबाइल के साथ जी रहा है ऐसी जिंदगी

Pahalgam Attack Mastermind / Image Source : X

Modified Date: April 21, 2026 / 05:24 pm IST
Published Date: April 21, 2026 5:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड सामने आया, NIA का बड़ा खुलासा।
  • आतंकी ने बदली पहचान, पाकिस्तान में छिपकर चला रहा नेटवर्क।
  • आरोपी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित।

नई दिल्ली : Pahalgam Attack Mastermind पहलगाम हमले के एक साल बाद उस खौफनाक साजिश का सबसे बड़ा खिलाड़ी सामने आ गया है। जांच एजेंसियों ने लश्कर और टीआरएफ (TRF) के कुख्यात आतंकी साजिद जट्ट की पहली तस्वीर और उसकी पूरी जानकारी ढूंढ निकाली है। एनआईए (NIA) की जांच के अनुसार, साजिद जट्ट ही उस हमले का असली जिम्मेदार है जिसने बैरसन घाटी में मासूम लोगों पर गोलियां चलवाई थीं। इस खतरनाक आतंकी को पकड़ने के लिए सरकार ने 10 लाख रुपये का बड़ा इनाम रखा हुआ है।

पहचान बदलकर पाकिस्तान में ठिकाना

हैरानी की बात यह है कि साजिद जट्ट पाकिस्तान में अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा है। जांच में उसके दो अलग-अलग पाकिस्तानी आईडी कार्ड मिले हैं, जिनसे उसके झूठ की पोल खुलती है। Habibullah Tabassum News उसका असली नाम हबीबुल्लाह तबस्सुम है। उसने पकड़े जाने के डर से कागजों में अपनी उम्र तक बदलवा ली थी। एक मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने की वजह से वह लंगड़ा कर चलता है, इसलिए उसने पाकिस्तान में अपना नाम सलीम लंगड़ा रख लिया है ताकि वह एक आम और लाचार आदमी जैसा दिखे।

अज्ञात हमलावरों का खौफ और सादगी का नाटक

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI साजिद को छिपने में पूरी मदद कर रही है। साजिद अब किसी बड़े आतंकी कमांडर की तरह ठाठ-बाट से नहीं रहता, बल्कि वह उन अज्ञात हमलावरों से डरा हुआ है जो पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को खत्म कर रहे हैं। इसी डर की वजह से वह रावलपिंडी के एक साधारण कमरे में बहुत मामूली आदमी बनकर रहता है। वह पुराने कपड़े पहनता है और पुराना की-पैड वाला मोबाइल फोन इस्तेमाल करता है ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।

आतंकी नेटवर्क और अंतिम परिणाम

साजिद जट्ट भले ही नाम बदलकर हबीबुल्लाह या सलीम लंगड़ा बन गया हो, लेकिन वह आज भी ISI के अफसरों के सीधे संपर्क में है और वहीं से कश्मीर में आतंक का नेटवर्क चला रहा है। कश्मीर में हुए दर्जनों हमलों के पीछे इसी का दिमाग रहा है। लेकिन अब इस बड़ी जांच ने उसके चेहरे से नकाब हटा दिया है और उसकी फाइल पूरी तरह खुल चुकी है। अब वह अपनी जान बचाने के लिए दर-दर भटक रहा है क्योंकि उसे पता है कि सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब उसके हर कदम पर है।

 


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..