पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार इस्तेमाल करने के मामले में अनोखा देश: जयशंकर

पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार इस्तेमाल करने के मामले में अनोखा देश: जयशंकर

पाकिस्तान आतंकवाद का लगातार इस्तेमाल करने के मामले में अनोखा देश: जयशंकर
Modified Date: August 22, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: August 22, 2026 9:28 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को दुनिया का ‘‘अनोखा’’ देश बताते हुए शनिवार को कहा कि कोई दूसरा राष्ट्र ऐसा नहीं है, जो अपने पड़ोसी पर हमला करने और दबाव बनाने के लिए ‘‘लगातार और इतने सुनियोजित रूप से आतंकवाद का इस्तेमाल’’ करता हो।

भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा संबंधों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उसे ‘‘पारस्परिक हित’’ की कसौटी पर खरा उतरना जरूरी है।

जयशंकर ने ये टिप्पणियां ‘इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में कीं।

उन्होंने बांग्लादेश द्वारा भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग से जुड़े सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘मैं इतना कह सकता हूं कि किसी भी रिश्ते को आगे बढ़ने के लिए उसे पारस्परिक हित की कसौटी पर खरा उतरना होगा। यह हमारे लिए भी हितकारी होना चाहिए।’’

जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की बहुप्रतीक्षित भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष अगले कुछ सप्ताह में इस यात्रा की संभावना तलाशने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत जारी रखे हुए हैं।

विदेश मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि भारत ने रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के साथ-साथ नयी दिल्ली में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संपर्क सत्र में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

रहमान की नयी दिल्ली की प्रस्तावित यात्रा को दो साल पहले हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद बेहद खराब हुए द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जयशंकर ने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों के संदर्भ में कहा, ‘‘मैं यह उम्मीद नहीं करता कि पड़ोसी देश केवल वही करें, जो हमारे हित में हो। मुझे भी उनके हितों को समझने और उनका सम्मान करने की कोशिश करनी चाहिए, जैसा कि मैं भी उनसे ऐसी ही अपेक्षा करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप उस साझा बिंदु तक पहुंचते हैं, तभी संबंध सुचारू रूप से चलते हैं।’’ विदेश मंत्री ने कहा कि आपसी हितों की समझ ही दोनों पक्षों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।

जयशंकर ने पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों से जुड़े एक सवाल पर कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों का ‘‘लंबा इतिहास’’ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब काफी हद तक हमने अमेरिका के साथ अपने संबंध खुद विकसित किए हैं, लेकिन यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि पाकिस्तान सिर्फ इसलिए अनोखा नहीं है कि वह भारत का पड़ोसी है। हमारे अन्य पड़ोसी भी हैं। ऐसे दूसरे देश भी हैं, जिनके बीच मतभेद हैं।’’

जयशंकर ने कहा, ‘‘वह इसलिए अनोखा है क्योंकि आज के दौर में ऐसा कोई दूसरा देश नहीं है, जो किसी अन्य पड़ोसी देश पर हमला करने और दबाव बनाने के लिए लगातार और इतने सुनियोजित तरीके से आतंकवाद का इस्तेमाल करता हो।’’

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश


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