चंडीगढ़, 31 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पंजाब विश्वविद्यालय परिसर छात्र परिषद (पीयूसीएससी) के चुनाव में लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। एबीवीपी उम्मीदवार अंकित बिढान ने विश्वविद्यालय चुनाव में जीत हासिल की, जिसके परिणाम सोमवार शाम घोषित किए गए।
एबीवीपी की यह जीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाली पार्टी की छात्र इकाई ‘स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया’ (एसओआई) ने चुनाव में उसे समर्थन दिया था।
पिछले साल एबीवीपी ने पहली बार अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी।
जीत के बाद एबीवीपी के अंकित बिढान ने कहा, ‘आज जेन-जी ने साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और एबीवीपी उनके दिल में हैं।’
एसओआई की उम्मीदवारी खारिज होने के बाद उसने एबीवीपी को समर्थन देने की घोषणा की। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
पीयूसीएससी के नये सदस्यों के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान हुआ। अधिकारियों के अनुसार, पंजाब विश्वविद्यालय के करीब 16,500 छात्र मतदान के लिए पात्र थे।
चुनाव में कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें अध्यक्ष पद के लिए चार, सचिव पद के लिए तीन, उपाध्यक्ष पद के लिए पांच और संयुक्त सचिव पद के लिए चार उम्मीदवार शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि मतदान के लिए करीब 190 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुआ और पूर्वाह्न 11 बजे तक चला।
अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के अंकित बिढान, आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स’ (एएसएपी) के आदिल बराड़, कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के गुरनाम सिंह सिद्धू और ‘साथ’ के दर्शप्रीत सिंह के बीच मुकाबला था।
भाषा अमित माधव
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