पप्पू यादव पर संवाददाता सम्मेलन में फेंकी गई चप्पल, राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ नाटक का कर रहे थे बचाव

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पप्पू यादव पर संवाददाता सम्मेलन में फेंकी गई चप्पल, राम मंदिर चढ़ावा ‘चोरी’ नाटक का कर रहे थे बचाव

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 12:43 AM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 12:43 AM IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, दो अगस्त (भाषा) निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने रविवार को अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में किए गए नाटक को सही ठहराया, जिसके बाद एक व्यक्ति ने उन पर चप्पल फेंक दी। इस घटना के बाद उनके समर्थकों और हमलावर के बीच हाथापाई हो गई।

यादव ने कहा कि वह ‘जान लेने की कोशिश’ से डरने वाले नहीं हैं।

बिहार के पूर्णिया से सांसद यादव शुक्रवार को किए गए अपने प्रदर्शन को लेकर भाजपा, हिंदू संगठनों और अन्य लोगों के विरोध के बीच संवाददाता सम्मेलन कर रहे थे। इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में वाराणसी में यादव, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यादव जब संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उनके नाटक को लेकर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि उन्होंने भगवान राम का अपमान किया है। इसके बाद उसने यादव पर चप्पल फेंक दी, जिसके बाद बिहार के पूर्णिया से सांसद यादव के समर्थकों और हमलावर के बीच हाथापाई हो गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है और गाजियाबाद में लोहे का सामान बनाने का काम करता है।

पुलिस के अनुसार उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

पुलिस सूत्र ने बताया कि हैप्पी नामक एक अन्य व्यक्ति घटना के समय यादव के आवास के बाहर खड़ी एक एसयूवी कार में मौजूद था।

सूत्र ने बताया कि शर्मा ने पुलिस को कहा कि वे दोनों न तो हथियार लेकर आए थे और न ही किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं।

दोनों लोगों ने जांच अधिकारियों से कहा कि वे सनातनी हैं और पप्पू यादव के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की।

उन्होंने यह भी कहा कि वे सांसद और उनके सहयोगियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

पुलिस ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।

यादव के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि दो लोग पत्रकार बनकर आए थे और उनमें से एक ने यादव को निशाना बनाकर चप्पल फेंकी, जबकि दूसरे व्यक्ति के पास से चाकू बरामद किया गया।

उन्होंने कहा कि बाद में दोनों लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान राहुल गांधी समेत विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले, जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई ‘चोरी’ को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए।

संवाददाता सम्मेलन में हंगामे से पहले यादव ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भगवा रंग पर आरएसएस का एकाधिकार है?

यादव ने कहा, ‘भगवा हमारी संस्कृति का हिस्सा है। सनातन हमारे लिए जीवन जीने का तरीका है।’

सांसद ने दावा किया कि उन्होंने सनातन की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया था। इसके बाद कथित हमलावर ने उनसे सवाल किया। उस व्यक्ति ने यादव पर भगवान राम का अपमान करने का आरोप लगाया और उन पर चप्पल फेंक दी। इसके बाद सांसद के समर्थकों ने कथित हमलावर को पकड़ लिया।

घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, ‘आप सभी लोगों के सामने उसने मुझ पर हमला किया। मुझ पर हमला हुआ, छात्रों पर हमला हुआ। पप्पू यादव का अपराध क्या है? यह मेरी गलती है या ( मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव) चंपत राय की? उन्होंने चढ़ावे की चोरी की है।’

यादव ने कहा, ‘जो लोग मुझे मारना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं; मैं डरने वाला नहीं हूं।’

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता प्राथमिकी से डरने वाले नहीं हैं।

शनिवार को वाराणसी में साधु-संतों की शिकायत पर यादव, गांधी और प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वहीं भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज और अन्य नेताओं ने दिल्ली में पुलिस शिकायत दर्ज कराई।

रविवार को भाजपा ने राहुल गांधी और यादव पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी राहुल गांधी और यादव पर हमला बोला और आरोप लगाया कि संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन के जरिए दोनों नेताओं ने सनातन धर्म का अपमान किया है।

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दिल्ली पुलिस की आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘दिल्ली पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों को दबाने के मामले में बहुत सक्रिय नजर आती है। लेकिन जब अपने आवास पर एक मुखर विपक्षी नेता—वह भी एक मौजूदा सांसद—की सुरक्षा की बात आती है, तो वह अचानक कमजोर पड़ जाती है।’

खेड़ा ने आरोप लगाया कि अनुराग कुमार के दिल्ली पुलिस आयुक्त का पद संभालने के बाद से पुलिस का रिकॉर्ड लगातार खराब होता गया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पप्पू यादव के समर्थन में आए।

उन्होंने कहा कि भाजपा बौखला गई है और इसी वजह से देश के बच्चों को निशाना बनाने के बाद अब सांसदों पर भी ‘जानलेवा हमले’ करा रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह एक हमलावर चाकू लेकर संवाददाता सम्मेलन में पहुंच गया, वह बेहद गंभीर चिंता का विषय है और सांसद की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही सरकारी एजेंसियों की बड़ी सुरक्षा चूक को दिखाता है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच कराने की मांग की।

सपा प्रमुख ने कहा, ‘भाजपा सांसद पप्पू यादव की लोकप्रियता बर्दाश्त नहीं कर पा रही, क्योंकि अपने ही गलत कामों के कारण उसकी साख पूरी तरह खत्म हो चुकी है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।’

भाषा जोहेब देवेंद्र

देवेंद्र