Parliament Monsoon Session: फिर से इन बिलों को पास कराने के जुगाड़ में केंद्र सरकार!.. मानसून सत्र में संख्याबल जुटाने की कोशिश जारी, जानें फ़िलहाल कितने और कितने MP की होगी जरूरत

Parliament Monsoon Session All Party Meeting Update: मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार अहम विधेयकों के लिए समर्थन जुटाने में सक्रिय, सर्वदलीय बैठक 19 जुलाई को होगी।

Parliament Monsoon Session: फिर से इन बिलों को पास कराने के जुगाड़ में केंद्र सरकार!.. मानसून सत्र में संख्याबल जुटाने की कोशिश जारी, जानें फ़िलहाल कितने और कितने MP की होगी जरूरत

Parliament Monsoon Session All Party Meeting Update || Image- IBC24 News File

Modified Date: July 16, 2026 / 10:54 pm IST
Published Date: July 16, 2026 10:54 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र।
  • अहम विधेयकों पर सरकार की नजर।
  • संख्याबल जुटाने की कोशिश तेज।

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। (Parliament Monsoon Session All Party Meeting Update) इस बैठक में मोदी सरकार अपने विधायी एजेंडे की जानकारी देगी, जबकि विपक्ष इस मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा करेगी।

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20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा सत्र

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों का मानसून सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है। सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कई मुद्दों और विधेयकों पर चर्चा और आखिरी फैसला होने की संभावना है।

सरकार कई अहम विधेयक ला सकती है

सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। इनमें 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर संसद में पेश कर सकती है। (Parliament Monsoon Session All Party Meeting Update) इस प्रस्तावित विधेयक में एक प्रावधान को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। इसमें कहा गया है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्रीय अथवा राज्य मंत्री किसी गंभीर मामले में लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उनका पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।

इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष

विपक्ष मानसून सत्र में NEET-UG पेपर लीक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हताहतों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का मुद्दा उठा सकता है। कांग्रेस ने इस मामले में राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है।

6 सांसदों की जरूरत

मानसून सत्र से पहले विपक्षी दलों में भी राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों ने पार्टी छोड़ी है। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) और आम आदमी पार्टी के कुछ सांसद भी दूसरे दलों में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में संसद का यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी तरफ मोदी सरकार एक बार फिर से महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल को पास कराने के लिए नंबर गेम जुटाने में जुट गई है। मॉनसून सत्र से पहले बीजेपी मिशन-360 के आंकड़े को जुटाने में लगी हुई है, लेकिन अभी भी 6 कदम दूर है। इससे अलग चर्चा ये भी है कि, चर्चा है कि 22 सांसदों वाली डीएमके जैसे दल कुछ मुद्दों पर सरकार का समर्थन कर सकते हैं।

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NDA के पास कितने सांसदों का समर्थन

बता दें कि, मानसून सत्र 2026 से पहले लोकसभा में केंद्र सरकार के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 292 सांसदों का समर्थन है। (Parliament Monsoon Session All Party Meeting Update) यदि टीएमसी के 20 और शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों का समर्थन भी जोड़ दिया जाए, तो सरकार के पक्ष में कुल 318 सांसदों का समर्थन हो जाता है। हालांकि, टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों की राजनीतिक और कानूनी स्थिति को लेकर विवाद भी चल रहा है। इसलिए इसे एनडीए की आधिकारिक संख्या नहीं माना जा सकता।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

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