संसद की सुरक्षा में सेंध का मामला: उच्च न्यायालय ने आरोपी नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी

संसद की सुरक्षा में सेंध का मामला: उच्च न्यायालय ने आरोपी नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी

संसद की सुरक्षा में सेंध का मामला: उच्च न्यायालय ने आरोपी नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत दी
Modified Date: July 2, 2025 / 11:08 am IST
Published Date: July 2, 2025 11:08 am IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2023 में संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में दो आरोपियों को बुधवार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने नीलम आजाद और महेश कुमावत को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत पर राहत प्रदान की।

पीठ ने उन्हें यह निर्देश भी दिया कि घटना के संबंध में वे मीडिया संस्थानों को साक्षात्कार नहीं दें या सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं डालें।

आरोपियों ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज करने के एक निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।

वर्ष 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी वाले दिन 13 दिसंबर, 2023 को संसद की सुरक्षा में चूक की बड़ी घटना में, आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी. लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कथित तौर पर दर्शक दीर्घा से नीचे सदन में कूद गए थे। उन्होंने इस दौरान सदन में कोई पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की, जिसके बाद कुछ सांसदों ने उन्हें काबू में कर लिया।

इसी दौरान दो अन्य आरोपियों- अमोल शिंदे और नीलम आजाद ने संसद परिसर के बाहर कथित तौर पर कोई रंगीन गैस का स्प्रे किया और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए।

भाषा

वैभव मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में