संसदीय समिति ने यूरेनियम, दुर्लभ धातुओं की खोज को बढ़ावा देने के लिए धन उपलब्ध कराने की सिफारिश की

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संसदीय समिति ने यूरेनियम, दुर्लभ धातुओं की खोज को बढ़ावा देने के लिए धन उपलब्ध कराने की सिफारिश की

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 04:48 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 04:48 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने देश में यूरेनियम और दुर्लभ धातुओं की खोज को बढ़ाने के लिए परमाणु खनिज अन्वेषण और अनुसंधान निदेशालय (एएमडीईआर) के लिए प्राथमिकता-आधारित निधि प्रदान करने की सिफारिश की है।

संसद के दोनों सदनों में पेश की गई एक रिपोर्ट में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन पर विभाग से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने यूरेनियम अन्वेषण के लिए अपर्याप्त निधि की समस्या को उजागर किया है।

समिति ने कहा कि एएमडीईआर के पूंजी आवंटन में 118.18 करोड़ रुपये की कमी को 2026-27 के संशोधित अनुमान में पूरा किया जाना चाहिए।

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि यूरेनियम की खोज लंबी प्रक्रिया है, जिनमें अन्वेषण और खदान में उत्पादन के बीच आठ से बारह वर्ष का समय लगता है।

समिति के अनुसार, अन्वेषण निवेश में किसी भी प्रकार की कमी एक दशक बाद भारत के परमाणु कार्यक्रम के लिए ईंधन आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करेगी।

समिति ने कहा कि यूरेनियम और दुर्लभ धातुओं की खोज के लिए एएमडीईआर को पर्याप्त निधि उपलब्ध कराने से भारत के दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा उद्देश्यों के अनुरूप परमाणु ईंधन की स्थिर घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

भाषा सुभाष रंजन

रंजन