पटियाला विधि विश्वविद्यालय ने नाम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी
पटियाला विधि विश्वविद्यालय ने नाम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी
पटियाला, 28 फरवरी (भाषा) पटियाला में राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद ने इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पटियाला से कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे ‘‘पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने का जानबूझकर किया गया प्रयास’’ बताया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जयशंकर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने मौजूदा राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (आरजीएनयूएल) का नाम बदलकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सिंह ने बताया कि प्रस्ताव को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए कार्यकारी परिषद को भेज दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि कार्यकारी परिषद से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को पंजाब उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, पंजाब अधिनियम, 2006 में संशोधन की आवश्यकता होगी।
इस बीच, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव की जानकारी नहीं है और जब तक उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक वे इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे। सिंह पटियाला ग्रामीण से विधायक हैं, जहां यह विश्वविद्यालय स्थित है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस मामले की पड़ताल करूंगा और कोई भी बयान देने से पहले पूरी जानकारी जुटाऊंगा।’’
पटियाला से सांसद धर्मवीर गांधी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू और राजीव गांधी के कार्यकाल के दौरान स्थापित संस्थानों की स्थापना शिक्षा को मजबूत करने, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने की दृष्टि से की गई थी।
सांसद ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां देश की जनता का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, पर्यावरण क्षरण और बढ़ती सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों जैसे मूल मुद्दों से हटाने का प्रयास हैं, जो सीधे तौर पर हर नागरिक को प्रभावित करते हैं।
राजीव गांधी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, पंजाब अधिनियम, 2006 के तहत स्थापित, विश्वविद्यालय ने मई 2006 में पटियाला में कार्य करना शुरू किया और उसी वर्ष जुलाई में ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ से उसे मंजूरी मिली।
भाषा तान्या सुरभि
सुरभि

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