पटनायक ने मुख्यमंत्री मांझी से महिलाओं की गरिमा पर बोलने से पहले आत्ममंथन करने को कहा
पटनायक ने मुख्यमंत्री मांझी से महिलाओं की गरिमा पर बोलने से पहले आत्ममंथन करने को कहा
(फाइल फोटो के साथ)
भुवनेश्वर, 30 अप्रैल (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को ओडिशा सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान इस मुद्दे पर ‘‘आत्ममंथन’’ करने को कहा।
‘भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी’ विषय पर आयोजित सत्र में भाग लेते हुए, पटनायक ने क्योंझर जिले में हुई एक हालिया घटना का जिक्र किया, जहां एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी बहन की मृत्यु के बाद पैसे निकालने के लिए उसका कंकाल एक ग्रामीण बैंक में लाना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘आज मुझे अपने राज्य में महिलाओं के अधिकारों और गरिमा से संबंधित एक गंभीर मुद्दे को उठाते हुए दुख हो रहा है। ओडिशा का सिर शर्म से झुक गया है क्योंकि एक महिला के परिवार को उसकी मृत्यु साबित करने और उसका वैधानिक बकाये का दावा करने के लिए उसके कंकाल को कब्र से निकलवाकर बैंक ले जाना पड़ा।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिवार को शव को पैदल घर वापस ले जाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने बार-बार मृत्यु का प्रमाण पत्र मांगा और ‘‘पूर्ण उदासीनता और शून्य जवाबदेही’’ का प्रदर्शन किया।
माझी द्वारा बीजद की पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना का जिक्र करते हुए पटनायक ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया और हाल के लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों को टिकट देने जैसी पहल को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या भाजपा यह कह सकती है कि उसने भी ऐसा ही किया? महिलाओं के अधिकारों पर केवल दिखावटी बातें करने और झूठा विमर्श चलाने के अलावा ओडिशा में भाजपा ने कुछ नहीं किया है।’’
महिला आरक्षण विधेयक पर पटनायक ने कहा कि बीजद ने 2023 में संसद में इसके पारित होने का समर्थन किया था और इसके तत्काल कार्यान्वयन की मांग की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने के प्रयास ‘‘गुप्त’’ और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
उन्होंने चेताया कि यदि परिसीमन प्रस्ताव लागू किया गया तो ओडिशा का संसद में प्रतिनिधित्व कम हो सकता है और इसे राज्य की राजनीतिक आवाज़ के लिए खतरा बताया।
पटनायक ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को लिखे उनके पत्र और राज्य के सभी 21 सांसदों से की गई अपील में संविधान संशोधन विधेयक पर बीजद का रुख स्पष्ट किया गया था।
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश

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