पीडीए समुदाय देगा भाजपा को चुनौती : अखिलेश यादव
पीडीए समुदाय देगा भाजपा को चुनौती : अखिलेश यादव
जयपुर, 11 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्हें “नकली संत” बताया और कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय आगामी चुनावों में भाजपा को चुनौती देगा।
जयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार विभिन्न संस्थाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पीडीए समुदाय सत्ता पक्ष को हराकर व्यवस्था को “शुद्ध” करेगा।
ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए यादव ने कहा कि वे “नकली संतों” के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने बिना नाम लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि एक व्यक्ति दूसरों से प्रमाण-पत्र मांगता है, जबकि उसके पास खुद कोई प्रमाण नहीं है।
बाद में स्पष्ट करते हुए यादव ने कहा कि वे अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) की बात कर रहे हैं और उनके योग अभ्यास पर भी सवाल उठाए।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर समाजवादी पार्टी के समर्थकों के नाम हटाए गए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में निर्वाचन आयोग से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यादव ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अब बूथ स्तर पर मतदाता सूची की जांच कर रहे हैं ताकि किसी का नाम गलत तरीके से न हटे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए संस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश में यह रणनीति उलटी पड़ रही है।
इतिहास के “पुनर्लेखन” के मुद्दे पर यादव ने कहा कि भाजपा अपनी विचारधारा थोपने के लिए अतीत को बदलने की कोशिश कर रही है।
गठबंधन की राजनीति पर उन्होंने कहा कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन आगे और मजबूत होगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उल्लेख करते हुए यादव ने कहा कि एक समय उन्हें प्रधानमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा गया था।
इससे पहले, यादव ने जयपुर में आयोजित ‘हार्मोनियस हेरिटेज समिट’ को संबोधित करते हुए सामाजिक सद्भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सद्भावना ही प्रगति और समृद्धि की कुंजी है और भारत की सांस्कृतिक विविधता को नवाचार के साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रभावी बनाया जा सकता है।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत

Facebook


