नेकां के दिल्ली प्रदर्शन को पीडीपी ने विफल करार दिया; अनुच्छेद 370 पर उमर अब्दुल्ला सरकार को घेरा

नेकां के दिल्ली प्रदर्शन को पीडीपी ने विफल करार दिया; अनुच्छेद 370 पर उमर अब्दुल्ला सरकार को घेरा

नेकां के दिल्ली प्रदर्शन को पीडीपी ने विफल करार दिया; अनुच्छेद 370 पर उमर अब्दुल्ला सरकार को घेरा
Modified Date: July 20, 2026 / 03:48 pm IST
Published Date: July 20, 2026 3:48 pm IST

श्रीनगर, 20 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर की विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ़्ती ने केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के प्रदर्शन को ‘‘फीका और जानबूझकर कम प्रभाव डालने वाला कार्यक्रम’’ बताया।

इल्तिजा ने कहा, ‘‘एक दिन का यह कार्यक्रम दिल्ली के किसी साधारण क्लब में करने के बजाय, अगर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाता और वहां अनुच्छेद 370 तथा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने के समर्थन में ज़ोरदार नारे लगते तो उसका असर कहीं ज़्यादा होता।’’

उन्होंने कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि जम्मू कश्मीर की निर्वाचित सरकार अनुच्छेद 370 को हटाने के ‘‘गैर-कानूनी और अधिकार छीनने वाले कदम’’ को सामान्य एवं स्वीकार्य बनाने का रास्ता चुन रही है।

पीडीपी उन दलों में शामिल थी, जिन्हें नेकां ने इस प्रदर्शन में बुलाया था, लेकिन पीडीपी ने इसमें हिस्सा नहीं लिया।

पीडीपी ने दिल्ली में नेकां के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कुछ शर्तें रखी थीं। पार्टी का कहना था कि प्रदर्शन के एजेंडे में अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जमात-ए-इस्लामी पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग भी शामिल होनी चाहिए।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने शनिवार को नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को लिखे एक पत्र में कहा कि पार्टी ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया है और यह जम्मू कश्मीर को केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग के लिए आयोजित प्रदर्शन में शामिल होना उचित नहीं समझती।

महबूबा ने पत्र में लिखा, ‘‘अपने वरिष्ठ सहयोगियों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंची हूं कि ऐसे प्रदर्शन में भाग लेना हमारे लिए उचित नहीं होगा, जिसका मुख्य और एकमात्र उद्देश्य केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग हो।’’

उन्होंने यह भी कहा कि पीडीपी जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में तभी शामिल होगी, जब नेकां के मुख्य एजेंडे में अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जमात-ए-इस्लामी पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग को प्रमुखता दी जाएगी।

भाषा सुरेश सुभाष

सुभाष


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