लोग निर्वाचित प्रतिनिधियों से अनुशासन की उम्मीद करते हैं : कोविंद

लोग निर्वाचित प्रतिनिधियों से अनुशासन की उम्मीद करते हैं : कोविंद

लोग निर्वाचित प्रतिनिधियों से अनुशासन की उम्मीद करते हैं : कोविंद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:54 pm IST
Published Date: November 25, 2020 9:18 am IST

केवडिया (गुजरात), 25 नवंबर (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को संसद और विधानसभाओं में स्वस्थ संवाद करना चाहिए और सदन में चर्चा के दौरान असंसदीय भाषा के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

नर्मदा जिले के केवडिया गांव में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निकट टेंट सिटी में 80वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा सदन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल और अनुशासनहीनता से उनका चुनाव करने वाले लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।

उन्होंने कहा, “निर्वाचित प्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध रहेंगे। निर्वाचित प्रतिनिधियों और लोकतांत्रिक संस्थानों के लिये लोगों की उम्मीदों को पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती है।”

कोविंद ने कहा, “मेरा मानना है कि देश के लोग उम्मीद करते हैं कि उनके निर्वाचित प्रतिनिधि संसदीय मान्यताओं का पालन करें। जब उनके निर्वाचित प्रतिनिधि असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं या संसद अथवा विधानसभा में अनुशासनहीनता करते नजर आते हैं तो लोग आहत होते हैं।”

उन्होंने चर्चा के दौरान अनावश्यक कड़वाहट को दूर करने के लिये अध्यक्षों से सदन में स्वस्थ संवाद के अवसर उपलब्ध कराने को कहा।

उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सत्ताधारी दल के साथ ही विपक्ष की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिये दोनों के बीच समझ,सहयोग और विचारों के अर्थपूर्ण आदान-प्रदान की जरूरत है।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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