जनप्रतिनिधियों को कर्तव्यों के निर्वहन में पारदर्शिता, जवाबदेही बनानी चाहिए: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री

जनप्रतिनिधियों को कर्तव्यों के निर्वहन में पारदर्शिता, जवाबदेही बनानी चाहिए: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री

जनप्रतिनिधियों को कर्तव्यों के निर्वहन में पारदर्शिता, जवाबदेही बनानी चाहिए: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री
Modified Date: February 27, 2026 / 06:40 pm IST
Published Date: February 27, 2026 6:40 pm IST

अगरतला, 27 फरवरी (भाषा) त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत हो सकता है जब जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें और जनता के प्रति जवाबदेह रहें।

साहा ने जन प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सभी स्तरों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों से निष्ठा के साथ काम करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को आम नागरिकों की बात सुननी चाहिए और उनसे विनम्रता एवं सम्मानपूर्वक बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक जिम्मेदारियां संभालने वालों के लिए विनम्र रहना, आसानी से उपलब्ध रहना और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना जरूरी है।

त्रिपुरा में अपनी तरह का यह पहला सम्मेलन‘कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन’ (सीपीए) के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ और इसमें शासन के विभिन्न स्तरों से जन प्रतिनिधि शामिल हुए।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, त्रिपुरा के राज्यपाल एन इंद्रसेना रेड्डी एवं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी के अलावा विधायक, मंत्री और जिला परिषदों, नगरपालिकाओं तथा नगर पंचायतों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने ‘नए त्रिपुरा’ के निर्माण के दृष्टिकोण को दोहराते हुए सार्वजनिक प्रतिनिधियों से दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर राज्य के विकास में मिलकर योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, समर्पण और जवाबदेही मार्गदर्शक सिद्धांत बने रहने चाहिए ताकि भावी पीढ़ियां आज के नेताओं को सम्मान के साथ याद करें।

भाषा सिम्मी माधव

माधव


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