फोन टैपिंग मामला: केसीआर को एक फरवरी को पूछताछ के लिए तलब किया गया

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फोन टैपिंग मामला: केसीआर को एक फरवरी को पूछताछ के लिए तलब किया गया

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  • Publish Date - January 31, 2026 / 12:12 AM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 12:12 AM IST

हैदराबाद, 30 जनवरी (भाषा) तेलंगाना में पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार के दौरान फोन टैपिंग के आरोपों की जांच कर रही राज्य पुलिस की एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के इस अनुरोध को शुक्रवार को खारिज कर दिया कि उनसे हैदराबाद के पास येरावेल्ली में “उनके निवास स्थान” पर पूछताछ की जाए।

विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राव को एक फरवरी को पूछताछ के लिए हैदराबाद स्थित उनके आवास पर पेश होने का निर्देश दिया।

बीआरएस प्रमुख राव को केसीआर के नाम से भी जाना जाता है।

एसआईटी ने केसीआर के प्रतिवेदन पर अपना जवाब शुक्रवार रात बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास की दीवार पर चस्पा कर दिया।

जवाब में एसआईटी ने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के मुताबिक, केसीआर को 29 जनवरी को उनके (बंजारा हिल्स) आवास पर जारी किया गया नोटिस विधिवत प्राप्त हो गया था।

एसआईटी ने कहा कि केसीआर ने नोटिस मिलने के बाद अपना प्रतिवेदन भेजा था।

उसने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा-160 के तहत मामले के तथ्यों से परिचित लोगों को संबंधित या निकटवर्ती पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में पूछताछ के लिए पेश होने की आवश्यकता हो सकती है।

एसआईटी ने कहा कि आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, जांच एजेंसी ने जांच के हित और केसीआर की उम्र को ध्यान में रखते हुए तथा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप, उनसे स्वेच्छा से उनके आवास पर पूछताछ करने की पेशकश की थी।

विशेष जांच दल ने कहा, “आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार, जो स्थान आपका निवास स्थान नहीं है, वहां पूछताछ के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि पूछताछ स्थल का निर्धारण आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज सामान्य निवास स्थान के संदर्भ में किया जाता है।”

एसआईटी ने कहा कि कई संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक अभिलेखों को येरावेल्ली गांव तक ले जाना प्रशासनिक रूप से कठिन होगा।

उसने केसीआर को एक फरवरी को अपराह्न तीन बजे हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास पर पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया।

यह मामला नेताओं, व्यापारियों, पत्रकारों, न्यायपालिका के सदस्यों और अन्य जाने-माने लोगों की फोन कॉल पर कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनधिकृत और अवैध तरीके से निगरानी के आरोपों से जुड़ा हआ है।

भाषा पारुल अमित

अमित