नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट (पायलट-इन-कमांड) की जांच रिपोर्ट में मनःप्रभावी पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मनःप्रभावी पदार्थ ऐसे रासायनिक तत्व या औषधियां होती हैं जो मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और चेतना को प्रभावित करती हैं। सूत्रों के अनुसार, पायलट की जांच में गांजे (मैरिजुआना) के सेवन की पुष्टि हुई है।
थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रहा एअर इंडिया का एक विमान (एअरबस ए320 – एआई2379) चार अगस्त को सुबह वायुमंडलीय अस्थिरता (टर्बुलेंस) के कारण हवा में अपनी निर्धारित ऊंचाई से अचानक लगभग 300 फुट नीचे आ गया, जिससे विमान में सवार कम से कम 17 लोग घायल हो गए थे। विमान में 137 यात्रियों और चालक दल के आठ सदस्यों सहित कुल 145 लोग सवार थे।
घटना के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार, उड़ान के दोनों पायलट की मनःप्रभावी पदार्थों के सेवन से जुड़ी जांच कराई गई थी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नौ अगस्त को जारी एक बयान में कहा था कि मुख्य पायलट की शुरुआती जांच के परिणाम ऐसे आए थे, जिसके लिए पुष्टि परीक्षण की आवश्यकता थी। उसी आधार पर नमूनों को आगे की प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था।
सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि जांच रिपोर्ट में पायलट द्वारा गांजे के सेवन की पुष्टि हुई है।
जांच और परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने चालक दल के दोनों सदस्यों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है।
भाषा सुमित नरेश
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