Vande Bharat: आस्था का अटूट केंद्र ‘सोमनाथ मंदिर’, पीएम ने किया शौर्य यात्रा का नेतृत्व, जानिए उनकी भाषण की बड़ी बातें

आस्था का अटूट केंद्र 'सोमनाथ मंदिर', पीएम ने किया शौर्य यात्रा का नेतृत्व, PM leads Shaurya Yatra in Somnath Temple Gujrat

Vande Bharat: आस्था का अटूट केंद्र ‘सोमनाथ मंदिर’, पीएम ने किया शौर्य यात्रा का नेतृत्व, जानिए उनकी भाषण की बड़ी बातें
Modified Date: January 12, 2026 / 12:07 am IST
Published Date: January 11, 2026 11:58 pm IST

नई दिल्ली/अहमदबादः Shaurya Yatra in Somnath Temple: आज पूरा भारत भाव-विभोर है, क्योंकि आदि ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के पावन धाम पर एक ऐतिहासिक पल बीता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर गुजरात के गिर-सोमनाथ में रहे। ये पर्व वो विशेष क्षण है जब हम 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और साथ ही 1951 में सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में पुनर्निर्मित इस मंदिर की 75वीं वर्षगांठ भी। हजारों-हजार शिव भक्तों की उपस्थिति में ओंकार मंत्र का सामूहिक जाप, 3000 ड्रोन्स से सजे आकाश में भगवान शिव का तांडव, त्रिशूल, ओम और स्वाभिमान पर्व का भव्य प्रदर्शन और सुबह 108 घोड़ों की शौर्य यात्रा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ये पल अविस्मरणीय थे। सोमनाथ धाम में ऐसा लग रहा था मानों सारी सृष्टि एक स्वर में ‘हर हर महादेव’ गूंज रही हो।

Shaurya Yatra in Somnath Temple प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। ये दौरा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का हिस्सा है, जो 8 से 11 जनवरी 2026 तक चल रहा है। ठीक 1000 साल पहले महमूद ग़ज़नवी के पहले आक्रमण की याद में, और 1951 में मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर रखा गया है। पीएम मोदी ने मंदिर परिसर में ओंकार मंत्र का जाप किया, जिसकी निरंतरता 72 घंटे तक चल रही है, फिर 3000 ड्रोन्स का शानदार शो देखा, जिसमें सोमनाथ की पूरी गौरवगाथा आसमान में उकेरी गई।

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पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बात

Shaurya Yatra in Somnath Temple रविवार की सुबह पीएम ने शौर्य यात्रा का नेतृत्व किया। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस, जो सदियों से मंदिर की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को नमन करता है। पीएम मोदी ने वीर हामिरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और सारदार पटेल को भी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पीएम मोदी ने दर्शन-पूजन किया शिवलिंग पर जलाभिषेक, पंचामृत, फूल अर्पण और डमरू की ध्वनि से पूरा माहौल दिव्य हो उठा। हजारों-हजार श्रद्धालु सुबह से ही ठंड में डटे रहे नारे लगाते, आंसू बहाते, और जय सोमनाथ का उद्घोष करते। पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता के साहस और अटूट संकल्प का जीवंत प्रतीक है। 1000 साल बाद भी यह ध्वजा फहरा रही है। ये बताती है कि भारत की शक्ति कभी नहीं टूटती। उन्होंने कहा कि सोमनाथ खड़ा है। भारत खड़ा है। उन्होंने मंदिर के पुनर्निर्माण की भावना को याद किया और कहा कि आज भी कुछ ताकतें मंदिरों के गौरव का विरोध करती हैं..लेकिन जनता का विश्वास अडिग है।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।