उमर खालिद से डरे हुए हैं मोदी और अमित शाह : प्रियंक खरगे
उमर खालिद से डरे हुए हैं मोदी और अमित शाह : प्रियंक खरगे
बेंगलुरु, 16 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियंक खरगे ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद से डरे हुए हैं और उन्हें चुनौती दी कि वे उनके खिलाफ मुकदमा चलाएं।
प्रियंक खरगे ने यह भी कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को खालिद पर बने वृत्तचित्र को दिखाए जाने का विरोध करने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए।
उन्होंने दक्षिणपंथी छात्र संगठन को चेतावनी दी कि उसकी ‘‘गुंडागर्दी’’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रियंक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कौन कह रहा है कि उमर खालिद राष्ट्र-विरोधी हैं? क्या अदालत ने ऐसा कहा है? भाजपा कह रही है कि वह राष्ट्र-विरोधी हैं। कल भाजपा आपको भी राष्ट्र-विरोधी कह देगी। क्या हमें इस पर विश्वास करना चाहिए?’’
मंत्री ने यह प्रतिक्रिया कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद के उस बयान पर दी, जिसमें उन्होंने खालिद को राष्ट्रवादी बताया था।
हरिप्रसाद द्वारा जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता को राष्ट्रवादी बताए जाने को लेकर भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों ने उनकी आलोचना की है।
खालिद को फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े साजिश के मामले में सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मंत्री खरगे ने सवाल किया कि मुकदमे की सुनवाई शुरू क्यों नहीं हुई है।
प्रियंक ने कहा, ‘‘वे (भाजपा सरकार) मुकदमा क्यों नहीं शुरू कर रहे हैं? वह (खालिद) कई साल से जेल में हैं और उनके खिलाफ कथित तौर पर कुछ आरोपपत्र भी हैं। मुकदमा क्यों नहीं चल रहा है? वे (भाजपा) मुकदमा चलाने से इतने डरे हुए क्यों हैं?’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘मोदी और अमित शाह, आप उमर खालिद से इतने डरे हुए क्यों हैं? कार्रवाई कीजिए।’’
प्रियंक खरगे ने कहा कि यह फैसला भाजपा को नहीं बल्कि अदालत को करना चाहिए कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन नहीं।
उन्होंने एबीवीपी को अधिक रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने की सलाह देते हुए कहा कि संगठन को केंद्र सरकार के समक्ष शिक्षा सुधार जैसे मुद्दे उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘उन शिक्षा सुधारों के बारे में बात कीजिए, जिनकी युवा और जेन-जी बात कर रहे हैं। केपीएससी घोटाले के बारे में बात कीजिए, जिसमें आपके (भाजपा के) नेता शामिल हैं। आप उमर खालिद के पीछे क्यों पड़े हैं? वह जेल में है। वह आपका क्या नुकसान कर रहा है? उसे दोषी ठहराइए। कौन मना कर रहा है? लेकिन एबीवीपी इन सब चीजों में क्यों पड़ रही है कि कौन-सा वृत्तचित्र दिखाई जाए और कौन-सी नहीं? इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’
केपीएससी (कर्नाटक लोक सेवा आयोग) भर्ती घोटाले में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में नौकरी के बदले पैसे लेने, प्रश्नपत्र लीक होने, ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ और अन्य अनियमितताओं के आरोप हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने खालिद को राष्ट्रवादी बताए जाने को लेकर हरिप्रसाद की एक बार फिर आलोचना की। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने हरिप्रसाद के बयान पर गौर किया है और इस बयान को लेकर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम से हरिप्रसाद को दूर रखकर अपने ही पार्टी प्रमुख से दूरी बना ली है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग का विरोध करने के लिए एबीवीपी की सराहना की।
भाषा शफीक अमित
अमित

Facebook


