तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केसीआर के फार्महाउस से जुड़ी ‘भूमि अनियमितताओं’ की जांच के आदेश दिए
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केसीआर के फार्महाउस से जुड़ी ‘भूमि अनियमितताओं’ की जांच के आदेश दिए
हैदराबाद, 16 सितंबर (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेतृत्व पर एक लाख करोड़ रुपये की जमीन ‘‘लूटने’’ का आरोप लगाया और पार्टी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के फार्महाउस से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए।
रेड्डी ने भूमि से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की पड़ताल के लिए विशेष जांच दल (एसईटी) गठित करने का आदेश दिया।
पंजीकरण अधिनियम की धारा 22-ए के तहत सूचीबद्ध जमीनों के मुद्दे पर विधानसभा में अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने पिछली बीआरएस सरकार पर भूमि से जुड़ी अनियमितताओं और करीब एक लाख करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने (बीआरएस नेतृत्व ने), उनके समर्थकों और रिश्तेदारों ने करीब एक लाख करोड़ रुपये की जमीन लूटी है। सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसकी जांच होनी चाहिए। गरीबों को न्याय मिलना चाहिए।’’
रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया कि सिद्दीपेट जिले के एर्रावेल्ली में चंद्रशेखर राव के फार्महाउस में 388 एकड़ सरकारी आवंटित भूमि शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘केसीआर को जवाब देना चाहिए कि करीब 700 एकड़ का फार्महाउस उनके नियंत्रण में है या नहीं।’’
रेड्डी ने कहा, ‘‘मैं यहीं से राजस्व विभाग और कलेक्टर को आदेश जारी कर रहा हूं कि वे तुरंत चंद्रशेखर राव को नोटिस जारी करें और पता लगाएं कि उन्होंने कितनी जमीन खरीदी है, वहां कितनी जमीन उपलब्ध थी। कुल 388 एकड़ सरकारी जमीन किसके नियंत्रण में है।’’
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को 30 दिन के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया और कहा कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
केसीआर के खिलाफ कांग्रेस के एससी प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद बीआरएस समर्थकों द्वारा कथित रूप से फार्महाउस में ‘शुद्धीकरण’ किए जाने का जिक्र करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार राव के कब्जे वाली सरकारी जमीन दलितों में बांटेगी और प्रत्येक लाभार्थी को आधा एकड़ जमीन दी जाएगी।
इस बीच, बीआरएस विधायक टी. हरीश राव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में ‘‘झूठ’’ बोला और वह जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश

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